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50 Years Of Deewaar: 'गली-गली में शोर है आनंद बाबू चोर हैं',  70 के दशक के सामाजिक ताने-बाने को दिखाती फिल्म

Fri, 24 Jan 2025 07:29 AM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

50 Years Of Deewaar: फिल्म 'दीवार' की रिलीज को आज 50 साल पूरे हो गए हैं। जानते हैं इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के चर्चित डायलॉग और दिलचस्प बातों के बारे में...
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फिल्म 'दीवार' - फोटो : अमर उजाला
साल 1975 में आई फिल्म 'दीवार' 50 साल पहले आज के ही दिन रिलीज हुई थी। यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में एक्शन है, रोमांच है, रोमांस है और इमोशंस हैं। एक लापता पिता के परिवार की बेबसी है। मां का संघर्ष है, जो अकेले दम पर दो बच्चों को पालती है। समाजिक भेदभाव है। सामाजिक ताना-बाना है। फिल्म उस दीवार का प्रतीक है, जो सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के चलते दो भाईयों के बीच खड़ी हो जाती है। इस फिल्म की स्क्रिप्ट और डायलॉग सलीम-जावेद यानी सलीम खान और जावेद अख्तर ने लिखे। अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, निरूपा रॉय, नीतूं सिंह और परवीन बॉबी जैसे सितारों से सजी फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई। फिल्म की 50वीं सालगिरह पर जानते हैं इसके रोचक किस्से...
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दीवार फिल्म - फोटो : अमर उजाला
कमाई के तोड़े तमाम रिकॉर्ड
यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इसने मुंबई में ही करीब एक करोड़ रुपये की कमाई की थी, जो उस समय एक बड़ी रकम थी। यह फिल्म देश के कई सिनेमाघरों में करीब 100 हफ्ते तक चली। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे करीब 1.30 करोड़ रुपये बजट में बनाया गया था। पहले दिन फिल्म ने सात लाख रुपये की कमाई की। इसका इंडिया नेट कलेक्शन करीब 4.25 करोड़ रुपये रहा और वर्ल्डवाइड इसने 7.50 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। 
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फिल्म दीवार - फोटो : अमर उजाला
सात फिल्मफेयर अवॉर्ड पर कब्जा
इस फिल्म को 1976 में सात फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले, जो इस प्रकार हैं
सर्वश्रेष्ठ फिल्म- गुलशन राय
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक-यश चोपड़ा
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता- शशि कपूर
सर्वश्रेष्ठ कहानी- सलीम-जावेद (सलीम खान और जावेद अख्तर)
सर्वश्रेष्ठ स्क्रीनप्ले - सलीम-जावेद
सर्वश्रेष्ठ डायलॉग - सलीम-जावेद
सर्वश्रेष्ठ ध्वनि डिजाइन - एम ए शेख

(यह भी जिक्र कर दें कि बेस्ट एक्टर के लिए अमिताभ बच्चन और सहायक अभिनेत्री के लिए निरूपा रॉय को नॉमिनेशन भी मिला था)

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फिल्म दीवार - फोटो : अमर उजाला
शोले और दीवार की शूटिंग साथ-साथ
इस फिल्म की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन शोले की शूटिंग भी कर रहे थे। दोनों फिल्मों की शूटिंग वे साथ-साथ कर रहे थे। अमिताभ बच्चन दिन में शोले और रात में दीवार की शूटिंग किया करते थे। दोनों फिल्में एक ही साल रिलीज हुई थीं, जिन्होंने शहंशाह के करियर को नई बुलंदियों पर पहुंचा दिया।
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फिल्म दीवार - फोटो : अमर उजाला
सलीम-जावेद को मिली मुंहमांगी फीस
सलीम और जावेद ने 'जंजीर' की रिलीज से पहले यश चोपड़ा को स्क्रिप्ट ऑफर की थी। उन्होंने इसके लिए एक लाख रुपये मांगे और यश चोपड़ा ने उनके मुंह पर ही हंसते हुए कहा कि 'कभी नहीं'। 'जंजीर' के ब्लॉकबस्टर होने के बाद उन्होंने फिर से यश चोपड़ा से संपर्क किया। इस बार उन्होंने 3 लाख रुपये की बात करी और यश चोपड़ा ने उन्हें यह रकम दे भी दी।
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फिल्म दीवार - फोटो : अमर उजाला
स्क्रिप्ट पढ़कर रोए गुलशन राय
इस फिल्म में इमोशंस कूट-कूटकर भरे हैं। इस फिल्म के प्रोड्यूसर राय ने फिल्म 'दीवार' की स्क्रिप्ट दो बार पढ़ी और दोनों बार वे इतने भावुक हुए की आंखों से आंसू बहने लगे। 
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फिल्म दीवार - फोटो : अमर उजाला
सिर चढ़कर बोला बिग बी का क्रेज
फिल्म 'जंजीर' (1973)  और 'मजबूर' (1974) के बाद अमिताभ बच्चन की लोकप्रियता खूब बढ़ चुकी थी। फिल्म 'दीवार' के दौरान उनका अलग क्रेज था। उनकी फिल्म देखने के लिए लोग लंबी-लंबी लाइनों में लगकर टिकट लिया करते। 

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फिल्म दीवार - फोटो : अमर उजाला
राजेश खन्ना को मिलने वाला था विजय का रोल
फिल्म में विजय के किरदार के लिए यश चोपड़ा राजेश खन्ना को लेना चाहते थे, लेकिन सलीम जावेद खन्ना के साथ गलतफहमी के कारण यह रोल अमिताभ बच्चन को मिला और उन्होंने इसे लोकप्रिय बना दिया।

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फिल्म दीवार - फोटो : अमर उजाला
फैशन बन गया अमिताभ का शर्ट टक करने का स्टाइल
इस फिल्म में अमिताभ बच्चन का शर्ट को टक करने का स्टाइल खूब चलन में आया। मगर, हकीकत में ऐसा हुआ था कि कुली की उनकी शर्ट काफी लंबी थी। उन्होंने इसे यूं ही टक कर लिया। फिल्म में उनका यही अंदाज स्टाइल स्टेटमेंट बन गया।
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फिल्म दीवार - फोटो : अमर उजाला
18 दिनों में तैयार हुई स्क्रिप्ट
फिल्म की स्क्रिप्ट सलीम-जावेद ने 18 दिनों में लिख दी थी। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन का विजय का किरदार बॉम्बे के स्मगलर हाजी मस्तान पर आधारित था।
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