दीप्ति नवल
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सोशल मीडिया पर दीप्ति ने लिखा, 'इन संकट के दिनों में अपने दिमाग में बहुत कुछ चल रहा है। कभी दिमाग एकदम शांत हो जाता है तो कभी विकृत। आज के माहौल को देखते हुए मुझे लगा के मुझे भी एक कविता लोगों के बीच साझा करनी चाहिए। यह कविता मैंने तब लिखी थी जब मैं भी अवसाद, चिंता और आत्महत्या कर लेने वाले विचारों जैसी परेशानियों से जूझ रही थी। या फिर यूं कहें कि लड़ रही थी।'