सिनेमा में कमाई की असमानता पर खूब बहस होती रही है, क्या आप मानती हैं कि जब कोई अभिनेत्री अपने बूते किसी फिल्म को कामयाब बनाती है तो यह बहस अपने आप विराम पा जाती है?
मैं मानती हूं कि कहीं न कहीं ये असमानता तो है लेकिन इसे समझना इतना आसान नहीं है। सीधे ये तुलना कर देना कि एक अभिनेता को इतना मिल रहा और एक अभिनेत्री को इतना मिल रहा, ये इतना आसान नहीं है, काफी पेचीदा बात है ये। कितने सालों से किसी ने काम किया, उनकी सफलता क्या है, बॉक्स ऑफिस पर उनका योगदान क्या है, उनका कौशल क्या है, उनका अनुभव क्या है, ऐसे सब हम कैसे नापेंगे? असमानता तो है लेकिन ये कैसे ठीक करना है, कैसे इसको बराबर लाना है, ये सोचना होगा। ये इतना आसान नहीं है।