दीपिका चिखलिया
- फोटो : अमर उजाला
दीपिका कहती हैं, “मुझे लगता कि अपनी कंपनी चलाने का जो मुझे अनुभव हुआ है उसका प्रयोग मैं अब संगठन को बनाने और उसे मजबूत करने में कर सकती हूं। राजनीति के हिसाब से अब भी मैं युवा ही हूं और मुझे लगता है कि जनसेवा के लिए बजाय सरकार में शामिल होने के, संगठन के दैनिक कार्यों में शामिल होना अधिक महत्वपूर्ण है। मां बनने की वजह से तब मुझे राजनीति से दूरी बनानी पड़ी थी, अब मेरी दोनों बेटियां बड़ी हो चुकी हैं और मैं अपना समय घर से बाहर के कामों में दे सकती हूं।”