फिल्म- क्रिमिनल
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अगर आपने हैरीसन फोर्ड और टॉमी ली जोन्स की फिल्म फ्यूजिटव देखी है तो आप समझ सकते हैं कि महेश भट्ट की फिल्म क्रिमिनल निर्देशक एंड्र्यू डेविस की फिल्म द फ्यूजीटिव से कितना मेल खाती है। महेश भट्ट को एक समय में हॉलीवुड फिल्मों की कहानियां मारने में उस्ताद माना जाता था और उन्होंने कभी इसे गलत भी नहीं माना। अनौपचारिक बातचीत में वह कहते थे, हमारा दिमाग चीजों को बस रिसाइकिल करता रहता है। जो भी ये समझता है कि वह कुछ ओरीजनल लिख या बना रहा है, वह सच से भाग रहा है। महेश भट्ट की फिल्म दिल है कि मानता नहीं को इट हैपन्ड वन नाइट, राज को व्हाट लाइज बिनीथ, सड़क को टैक्सी ड्राइवर और गुमराह को बैंकॉक हिल्टन की अनऑफीशियल रीमेक माना जा सकता है। इनमें से ओरीजनल और इसकी हिंदी कॉपी की तुलना करें तो दोनों फिल्मों के तमाम सीन भी एक जैसे मिलते हैं।
लेकिन उस दौर में सिर्फ महेश भट्ट ही विदेशी फिल्में देखकर देसी फिल्में नहीं छाप रहे थे, विदेशी टेलीविजन चैनलों और इंटरनेट से पहले के उस दौर में हॉलीवुड फिल्मों की नकल मारकर हिंदी फिल्में बनाने की एक लंबी फेहरिस्त है। एतराज को डिस्क्लोजर की नकल माना जाता है। बाजीगर की कहानी ए किस बिफोर डाइंग की कहानी जैसी है। फ्रेंच फिल्म ला डाइनर डे कॉन्स पर भेजा फ्राई बनी है, द मिरैकल वर्कर की छवि आपको फिल्म ब्लैक में मिलेगी। आई नाउ प्रोनाउंस यू चक एंड लैरी का देसी संस्करण दोस्ताना है तो ऑन द वाटरफ्रंट पर दीवार, परिंदा और गुलाम जैसी फिल्में बन चुकी हैं। कांटे बनी है तीन फिल्मों रिजर्वायर डॉग्, द युजुअस सस्पेक्ट और हीट की कहानी मिलाकर, कोई मिल गया में ईटी का तड़का है। विल स्मिथ ने तो अपनी फिल्म हिच को बिना पूछे पार्टनर के नाम से बना देने के लिए मुकदमा दायर करने की ठानी थी। रंग दे बसंती पर भी ऑल माई सन्स और जीसस ऑफ मॉन्ट्रियल की नकल करने का आरोप लगा। आमिर खान की एक और फिल्म तारे जमीन पर को लव, मैरी पर आधारित फिल्म बताया जाता है। कोरियाई फिल्मों के रीमेक भी बीच में खूब बने जैसे कि द सासी गर्ल की नकल करके बनी थी अगली और पगली।
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