Shabana Azmi and Javed Akhtar
- फोटो : twitter
जावेद अख्तर के अनुसार यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। इस फैसले के बारे में जावेद अख्तर ने कहा, 'इस विचार का कोई भी विरोध नहीं करेगा क्योंकि सभी इसकी गंभीरता से वाकिफ हैं। संगीत से कमाई गई रॉयल्टी हमारे द्वारा इकट्ठा की जाती है। यह प्रकाशकों, लेखकों और संगीतकारों को जाती है। अपने काम के आधार पर कुछ कंपनियां दूसरों से अधिक रॉयल्टी जमा करती है। मैंने महसूस किया है कि हमें इस कठिन परिस्थिति का सामना कर रहे उन लोगों की मदद करनी चाहिए जिनके पास पर्याप्त रॉयल्टी नहीं है। हमने संगीत बिरादरी के लगभग 3,000 लोगों की एक सूची बनाई है। हमें उम्मीद है कि करीब एक सप्ताह में हम उन्हें वित्तीय राहत भेजना शुरू कर देंगे ताकि इससे वह अपनी बुनियादी आपूर्ति का प्रबंध कर सकें।'