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इस निर्देशक की फिल्मों से लोगों को नागरिकता कानून समझाएगी भाजपा, बताएगी शरणार्थियों का असली दर्द

Sun, 22 Dec 2019 11:01 PM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Ritwik ghatak, amit shah - फोटो : amar ujala
बीते कुछ दिनों से नागरिकता कानून 2019 (Citizen Amendment act 2019) के खिलाफ कई हिस्से में लोगों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस कानून के खिलाफ आम नागरिकों से लेकर छात्र और बॉलीवुड के कई सितारे भी हैं। वहीं सत्तधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस कानून को देशहित के लिए जरूरी बता रही है। जनता को नागरिकता कानून 2019 ठीक से समझाने के लिए अब भाजपा ने नया कदम उठाया है। 
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ritwik ghatak - फोटो : social media
नागरिकता कानून 2019 के बारे में जागरूकता फैसलाने के लिए भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने मशहूर निर्देशक ऋत्विक घटक की फिल्मों का सहारा लिया है। वेबसाइट एनडीटीवी की खबर के अनुसार भारतीय जनता युवा मोर्चा ने नागरिकता कानून 2019 को समझाने के लिए छह मिनट का एक प्रचारात्मक वीडियो बनाया है। इस वीडियो में उन्होंने ऋत्विक घटक की फिल्मों के दृश्यों का इस्तेमाल किया है। 
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राज्यसभा में विधेयक पेश करते गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : पीटीआई
इस मामले में भाजपा नेता सामिक भट्टाचार्या ने कहा है कि, "कुछ लोग राजनीति के एक विभाजनकारी ब्रांड का समर्थन कर विभाजन के इतिहास को मिटाने का अथक प्रयास कर रहे हैं और अपने अभियानों में गलत सूचना के माध्यम से देश की युवा पीढ़ी को अंधेरे में रखना चाहते हैं"। गौरतलब है कि ऋत्विक घटक मूल रूप से बांग्लादेश के थे। उन्होंने अपने फिल्मों में सन 1947 में विभाजन के बाद मजबूरी में भारत आए लोगों की व्यथा का चित्रण बेहद शानदार तरीके से किया था। 

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राज्यसभा में अमित शाह - फोटो : एएनआई
ऋत्विक घटक ने दिग्गज फिल्मकार सत्यजीत रे और मृणाल सेन के साथ मिलकर कई बेहतरीन फिल्में दीं। विभाजन पर आधारित उनकी तीन शानदार फिल्में 'मेघे ढाका तारा' (द क्लाउड कैप्ड स्टार), 'सुवर्णरेखा' और 'कोमल गांधार' (ए सॉफ्ट नोट ऑन ए शॉर्प स्केल) हैं। उनकी इन तीनों फिल्मों को विश्व सिनेमा का एक उत्कृष्ट नमूना माना जाता है। इसलिए भाजपा ने पश्चिम बंगाल में आए लाखों शरणार्थियों की व्यथा को दिखाने और नागरिकता कानून 2019 की आवश्यकता को समझाने के लिए ऋत्विक घटक की फिल्मों के दृश्यों का इस्तेमाल किया हैं। 
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संसद पहुंचे अमित शाह - फोटो : ANI
प्रचारात्मक वीडियो पर बात करते हुए भाजपा नेता सामिक भट्टाचार्या ने कहा है कि वीडियो की शुरुआत सन 1946 में कलकत्ता के भीषण दंगे से की गई है। इसके बात वीडियो में आज के समय में विच्छिन्न लोगों को नागरिकता देने तक का चित्रण इसमें किया गया है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने जब से नागरिकता कानून 2019 (Citizen Amendment act 2019) बनाया है, इसको लेकर देशभर में लोगों का गुस्सा है। देश के कई हिस्सों में नागरिकता कानून 2019 को लेकर उग्र प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं। 

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