इन दिनों फिल्म इंडस्ट्री में वर्किंग यानी कामकाजी महिलाओं को लेकर एक अहम बहस चल रही है। खासकर उन आर्टिस्ट को लेकर जो मां भी हैं और अपने करियर को भी संभाल रही हैं। हाल ही में दीपिका पादुकोण ने मां बनने के बाद आठ घंटे ही शूटिंग करने की डिमांड मेकर्स के सामने रखी। इसके बाद ही यह बहस शुरू हुई। इस मुद्दे पर एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह ने भी अपनी राय रखी है।
बाॅलीवुड एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह हालिया रिलीज फिल्म 'हाउसफुल 5' में नजर आ रही हैं। इसी बीच अमर उजाला डिजिटल से खास बातचीत में एक्ट्रेस ने फिल्म इंडस्ट्री में वर्किंग महिलाओं के लिए 8 घंटे की शिफ्ट को लेकर अपनी राय रखी।
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चित्रांगदा सिंह
- फोटो : इंस्टाग्राम @chitrangda
‘चाहे महिला हो या पुरुष, जिम्मेदारी बराबर है’
एक्ट्रेस ने कहा, 'मुझे लगता है कि सबका अपना-अपना माइंडसेट होता है। अपनी पसंद होती है। कोई भी किसी की चॉइस पर सवाल नहीं उठा सकता। लेकिन अगर आप सेट पर आ रहे हैं, चाहे आप मेल एक्टर हों या फीमेल, हम एक क्वालिटी की उम्मीद करते हैं। इसलिए वहां सबकी बराबर जिम्मेदारी होनी चाहिए। काम का मतलब काम होता है। मुझे लगता है कि मेल या फीमेल, इससे फर्क नहीं पड़ता। काम की जिम्मेदारी सबकी होती है।'
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चित्रांगदा सिंह
- फोटो : इंस्टाग्राम @chitrangda
‘मैंने खुद सात साल का ब्रेक लिया था जिससे मेरे करियर पर असर पड़ा’
चित्रांगदा ने आगे बताया, 'मैंने खुद सात साल का ब्रेक लिया था। जब मेरा बेटा हुआ, मैंने पूरा काम छोड़ दिया। इससे मेरे करियर पर असर पड़ा। लेकिन वो मेरी चॉइस थी। ये एक पर्सनल चॉइस थी। कोई उस पर सवाल नहीं उठा सकता। हर किसी की प्रायोरिटी होती है।'
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चित्रांगदा सिंह
- फोटो : इंस्टाग्राम@chitrangda
‘महिला के साथ-साथ मेकर्स की भी रिस्पेक्ट करना जरूरी’
'मैं उस महिला की भी इज्जत करती हूं जो साफ तौर पर कहती है कि मैं इससे ज्यादा काम नहीं कर सकती। लेकिन मैं मेकर्स की भी इज्जत करती हूं क्योंकि सिनेमा एक बिजनेस भी है। इसमें कोई न कोई पैसा, वक्त और मेहनत लगा रहा होता है। चाहे वो प्रोड्यूसर हो, डायरेक्टर हो या बाकी कलाकार। हर कोई अपने हिस्से का काम करता है, तो उन्हें भी वही क्वालिटी और डेडिकेशन चाहिए होता है।
काम काम होता है। मुझे लगता है सबसे अहम बात है- बैलेंस बनाना। हर वर्किंग महिला, चाहे वो फिल्म इंडस्ट्री की हो या कॉर्पोरेट वर्ल्ड की, यही करती है। कोई भी हर बार अपनी शर्तें नहीं रख सकता, लेकिन अगर आपके पास ये सुविधा है तो जरूर रखिए। ये आपका हक है।'
बाकी पर्सनालिटीज ने भी अपनी बात रखी
वर्किंग महिलाओं के लिए 8 घंटे की शिफ्ट की मांग पर इंडस्ट्री में कई पर्सनालिटीज ने अपनी बात रखी है।
कबीर खान ने दीपिका पादुकोण का समर्थन करते हुए कहा कि अगर आमिर और अक्षय को 8 घंटे मिल सकते हैं, तो दीपिका को क्यों नहीं?
सुरवीन चावला ने कहा कि किसी महिला की पर्सनल पैशन को सिर्फ इसलिए रोक देना कि वो मां बन गई है - ये सही नहीं है।
राणा दग्गुबाती का मानना है कि 8 घंटे की मांग ठीक है, लेकिन किसी पर दबाव नहीं होना चाहिए। वहीं डायरेक्टर तारुण मनसुखानी ने कहा कि शिफ्ट पहले से तय होनी चाहिए, वरना शूटिंग में दिक्कत आती है।