चिन्मयी श्रीपदा
चिन्मयी ने आगे कहा, 'ऐसी घटनाएं रोज हो रही हैं, न जाने अब तक कितनी महिलाएं, बच्चे और पुरुष इस तरह की घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। लेकिन मुझे समझ नहीं आता है कि वो खामोश क्यों हैं। मैं खामोश रहकर ऐसे लोगों की हिम्मत बढ़ाना नहीं चाहती जो महिलाओं–लड़कियों को कमजोर समझकर उनके साथ खेलने कि कोशिश करते हैं।'