‘भाबी जी घर पर हैं’ सीरियल के इस मशहूर किरदार को निभाने वाले कलाकार को दादा साहेब फाल्के अवार्ड 2018 से सम्मानित किया गया है।
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भाबी जी घर पर हैं
- फोटो : SELF
ये हैं कालका निवासी बॉलीवुड एक्टर रोहताश गौड़, यानी तिवारी जी। इनको दादा साहेब फाल्के फिल्म फाउंडेशन अवार्ड-2018 बेस्ट कामेडी एक्टर मिलने पर कालका वासियों में खुशी की लहर है। अमर उजाला से बातचीत करते हुए रोहताश गौड़ ने बताया कि उन्हें यह अवार्ड 29 अप्रैल को मुंबई के चित्रकुट ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में फिल्म मेकर अशोक पंडित के हाथों से मिला।
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Bhabi Ji Ghar Par Hai
रोहताश गौड़ ने बताया कि इस अवार्ड के साथ जो नाम जुड़ा है वह इंडस्ट्री के संस्थापक का है। दादा साहेब फाल्के अवार्ड फिल्म इंडस्ट्री का सबसे सम्मानित अवार्ड है। रोहताश गौड़ ने बताया कि अवार्ड फंक्शन के दौरान उनके साथ मुंबई के टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल साइंटिफिक असिस्टेंट के पद पर तैनात उनकी पत्नी रेखा गौड़, बड़ी बेटी गीती गौड़ व छोटी बेटी संगीती गौड़ भी मौजूद थी।
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रोहताश गौड़
भावुक होते हुए रोहताश गौड़ बोले कि यदि आज उनके पिता होते तो बहुत खुश होते। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि अगला अवार्ड राष्ट्रपति के हाथों मिले। वह यह सम्मान अपने पिता स्वर्गीय सुदर्शन गौड़ को समर्पित करना चाहते हैं। रोहताश ने बताया कि उनके पिता सुदर्शन गौड़ ने 1952 में शिमला में आल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन का गठन किया था। जिसकी विभिन्न जगह ब्रांच भी बनाई गई थी। जिसमें बलराज सहानी, मदन पूरी, प्रेम चोपड़ा उनके साथ जूड़े थे।
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रोहताश गौड़
उन्होंने बताया इसमें आल ओवर इंडिया के कलाकारों को एक साथ ज्वाइन कराया गया था और एक ड्रामा एंड डांस फेस्टिवल की शुरूआत की थी। जोकि वर्तमान समय में भी चल रहा है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में भी हमारी संस्था रजिस्टर्ड है। फिलहाल शिमला में यह सक्रिय है, जहां पूरे भारत से छह सो के करीब कलाकार पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही चंडीगढ़ में भी इसे शुरू करेंगे।
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रोहताश गौड़
उन्होंने बताया कि निर्माता राजकुमार हिरानी भी थ्री-इडिएट की शूटिंग के दौरान वहां पहुंचे थे जहां एसोसिएशन ने कास्टिंग में उनकी मदद की थी। वह भी एसोसिएशन के साथ जुड़े परंतु वह पिता की तरह शौकिया रंगमंच की बजाय इस लाइन में पेशेवर के तौर पर आना चाहते थे। तब पिता की हिदायत पर उन्होंने नेश्नल स्कूल आफ ड्रामा दिल्ली में ज्वाइन किया, जहां 1986 में उनका सिलेक्शन हो गया।
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रोहताश गौड़
1989 में तीन साल का कोर्स करने के बाद वह यहां से पास आउट कर गए, जिसके बाद ड्रामा रंग मंडल ज्वाइन किया जहां से उन्होंने पेशेवर रंगमंच की शुरुआत की। वहां मनोज वाजपेई सहित कई जानीमानी हस्तियां पेशेवर रंगमंच किया करते थे। छह साल यहां रहने के बाद वह 1997 में मुंबई गए जहां सबसे पहले मुझे चांद चाहिए धारावाहिक में काम किया जोकि सुरेन्द्र वर्मा के उपन्यास पर आधारित था। जिसके बाद उनकी टीवी की यात्रा प्रारंभ हो गई।
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रोहताश गौड़
लापता गंज और भाबी जी घर पर हैं धारावाहिक से मिला फेम
रोहताश गौड़ ने बताया कि वह कई टीवी चैनलों के लिए काम कर चुके हैं। इसके अलावा वह 16 फिल्मों में भी काम कर चूके हैं। जिसमें पीके, अतिथि कब जाओगे व मुन्ना भाई सीरिज इत्यादि शामिल है। लेकिन लापता गंज में मुकंदी लाल व भाबी जी घर पर हैं में मनमोहन तिवारी के किरदार से उनको एक अलग पहचान मिली।
ये भी मिल चुके हैं अवार्ड
वैसे तो रोहताश गौड़ को विभिन्न छोटे-बडे़ पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चूका है, लेकिन इनमें से कुछ मुख्य अवार्ड इस प्रकार हैं: 2010 में इंडियन एकेडमी अवार्ड, 2011 में जी बोरोप्लस गोल्ड अवार्ड, 2011 में सब के अनोखे अवार्ड, 2013 टेली अवार्ड, 2014 टेली अवार्ड, 2015 में इंडियन टेलीविजन एकेडमी अवार्ड, 2017 में इंडियन टेलीविजन एकेडमी अवार्ड, 2018 में दादा साहेब फालके फिल्म फांउडेशन वार्ड