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Star Kids Pictures: इंटरनेट पर स्टारकिड की फोटोज शेयर करना पड़ सकता है भारी, जानें क्या कहते हैं बाल अधिकार?

Tue, 21 Jun 2022 02:14 AM IST
शशि सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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अनुष्का, विराट और वामिका - फोटो : सोशल मीडिया
बॉलीवुड स्टार्स की जिंदगी ग्लैमर और शोहरत से भरी होती है लेकिन इसी वजह से उन्हें कई बार परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है, क्योंकि स्टार्स से जुड़ी हर अपडेट को जानने में फैंस को खासा दिलचस्पी होती है। अक्सर देखने में आता है कि सेलेब्स कुछ चीजों को निजी रखना चाहते हैं और इसी वजह से ज्यादातर स्टार्स अपने छोटे बच्चों को लाइमलाइट से दूर रखने की कोशिश करते हैं, ताकि उन्हें एक सामान्य जीवन दिया जा सके। विराट-अनुष्का से लेकर कई ऐसे सेलेब्स हैं जो अपने बच्चों का चेहरा दिखाने या उनकी तस्वीरों को सर्कुलेट करने को लेकर काफी स्ट्रिक्ट हैं। तो चलिए जानते हैं इसे बारे में क्या कहते हैं बाल अधिकार।
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विराट कोहली- वामिका - फोटो : Instagram
कुछ समय पहले जब विराट और अनुष्का की बेटी की तस्वीर वायरल हो गई थी तो उन्होंने अपील की थी कि ऐसा न किया जाए। विराट और अनुष्का का कहना है कि वह तब तक अपनी बेटी का चेहरा मीडिया को नहीं दिखाना चाहते जब तक कि वह इन सारी चीजों को समझने लायक न हो जाए। चाहें सेलिब्रिटी हो या फिर आम इंसान बच्चों के फोटो सोशल मीडिया पर डालते समय उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। इस बारे में चाइल्ड राइट्स और निजता के अधिकार को जानना भी जरूरी हो जाता है।
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काजल अग्रवाल - फोटो : insta
निजता का अधिकार (Right to privacy)
हर इंसान को निजता का अधिकार दिया गया है। हमारे संविधान में अनुच्छेद 21 के तहत इसके बारे में वर्णन किया गया है। जिसके अनुसार किसी भी व्यक्ति को ये स्वतंत्रता प्राप्त होती है कि यदि व्यक्ति चाहे तभी केवल उसकी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति या संस्था के पास जा सकती है अन्यथा नहीं। इसके लिए उसे बाध्य नहीं किया जा सकता। अगर कोई व्यक्ति किसी निजी जानकारी को खुद तक सीमित रखना चाहता है (जो किसी अन्य के लिए नुकसानदायक न हो) तो किसी को इस बारे में जानने का अधिकार नहीं है और अगर कोई किसी को निजता का हनन करता है तो अपने अधिकार के उल्लंघन के लिए व्यक्ति अपील कर सकता है।

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भारती सिंह - फोटो : insta
बच्चों के कानूनी अधिकार
बच्चों को संरक्षित करने के लिए कानून के अंतर्गत कई प्रावधान किए गए हैं। जिसके तहत उनकी उचित देखरेख और संरक्षण का अधिकार भी शामिल है। बाल अधिकार के तहत सार्वभौमिक सिद्धांत है कि बच्चे का सर्वोत्तम हित को सर्वोपरि प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ऐसे में यदि माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई कदम उठाते हैं तो उसका पालन करना आवश्यक हो जाता है।
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प्रियंका चोपड़ा अपनी मां और बेटी के साथ - फोटो : Instagram
माता-पिता की अनुमति लेना आवश्यक
अक्सर देखने में आता है कि जब बच्चे अपने दोस्तों के साथ कहीं पिकनिक या अन्य स्थानों पर घूमने जाते हैं तो कई बार उनकी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया जाता है लेकिन ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। किसी भी बच्चे (जो अपने फैसले लेने में सक्षम न हो यानी छोटा हो) की तस्वीर शेयर करने से पहले उसके माता-पिता या संरक्षक, अभिभावक की इजाजत लेना जरूरी होता है। बिना पेरेंट्स की मर्जी के आप किसी भी बच्चे की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर सकते हैं।
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