फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिनेमा के 106 साल के इतिहास को भारी नुकसान, 31 हजार फिल्मों की ओरिजनल रील हुई नष्ट

Mon, 18 Mar 2019 09:47 AM IST
shrilata biswas एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
bollywood celebrities - फोटो : social media
पाथेर पंचाली, मदर इंडिया, मेरा नाम जोकर, आवारा और कागज के फूल जैसी क्लासिकल फिल्मों की ओरिजनल कॉपी अब आप दोबारा नहीं देख पाएंगे। साल 2017 में ऐसी खबरें आईं कि हजारों फिल्मों की ओरिजनल रील गायब हो गई है। अब कैग (CAG) यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
विज्ञापन

2 of 5
indian cinema - फोटो : file photo
कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (NFAI) में रखी करीब 31 हजार फिल्मों की ओरिजनल रील और कैन खो गई है या फिर नष्ट हो गई है। कैग ने 1 मई 2015 से 30 सितंबर 2017 के बीच एनएफएआई के रिकॉर्ड की जांच कर ये बताया है। बता दें कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एनएफएआई की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य सिनेमा की विरासत को सुरक्षित बचाकर रखना था।
विज्ञापन

3 of 5
india cinema - फोटो : file photo
एनएफएआई के पास भारतीय सिनेमा के 106 साल के इतिहास की तमाम डीवीडी, किताबें, पोस्टर, चित्र, ऑडियो सीडी, डिस्क रिकॉर्ड और वीडियो कैसेट्स हैं। कैग की रिपोर्ट में बताया गया है कि किताबों का भौतिक सत्यापन किया गया था लेकिन ऑडियो सीडी, डिस्क रिकॉर्ड और वीडियो कैसेट्स की जांच नहीं की गई थी। ये पूरी रिपोर्ट एक आरटीआई कार्यकर्ता ने हासिल की है।

4 of 5
indian cinema - फोटो : file photo
रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएफएआई के रजिस्टर के मुताबिक, साल 2016-17 में 1,32,000  फिल्मों के रील या कैन थे जबकि बाद में ठेकेदारों के बिलों और भुगतान से पता चला कि केवल 1,00,377  रील के डिब्बे बचे हैं। जिससे पता चलता है कि 31,263 रील या कैन खो गए हैं या तो नष्ट हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
cinema hall - फोटो : file photo
इस जानकारी के सामने आने के बाद ये बात बिल्कुल साफ है कि एनएफएआई के ढीले रवैये की वजह से अब दर्शकों को वो फिल्में कभी नहीं देखने को मिल सकेंगी, जो पूरी दुनिया में अपना नाम कमा चुकी हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें