ब्रह्मास्त्र
- फोटो : social media
फिल्म बनाने में लगे 10 साल
कॉन्सेप्ट और कहानी दिमाग में आने के बाद भी अयान को बहुत मेहनत करनी पड़ी। दरअसल, जिस तरह के दृश्य अयान के दिमाग में घूम रहे थे, उन्हें पर्दे पर लाना आसान काम नहीं था। इसके लिए उन्हें एक अलग ही तरह की फिल्म मेकिंग सीखनी पड़ी, जिसके लिए बहुत समय लगा। इतना ही नहीं अयान को यह भी समझ आ गया था , जिस तरह की फिल्म वह बनाना चाहते हैं उसके लिए बहुत भारी भरकम बजट की जरूरत पडेगी। और इतना बजट भारत में अभी तक किसी भी फिल्म को नहीं दिया गया है। लेकिन उन्हें पूरी उम्मीद थी कि अगर यह फिल्म पर्दे पर सही ढंग से उतरी तो यह भारतीयों के लिए एक कमाल का एक्सपीरिएंस होने वाली है। 'ब्रह्मास्त्र' एक ऐसी फिल्म होगी, जिस पर पूरे भारत को गर्व होगा। अयान को 'ब्रह्मास्त्र' की कहानी को सोच से निकालकर पर्दे पर लाने में पूरे 10 साल का समय लगा, जो उनके अनुसार एक ऐसी फिल्म बनाने के लिए बहुत ही जरूरी था।