जाह्नवी कपूर
'एक एक्ट्रेस के तौर पर जो उनकी छवि थी, मैं उसकी प्रशंसा करता था । शायद यही कारण था कि मैं उसे दीवानों की तरह चाहता था । हम दोनों की प्रेमकहानी एक खुली किताब की तरह थी । उसने मुझे जिंदगी के हर मोड़ पर सहारा दिया ।' प्रोग्राम से बाहर आते वक्त वो अपने पिता के कंधे पर सिर रखकर रो रही थीं ।