कंगना रणौत
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बहरहाल, अदालत ने कहा कि इस तरह के मामलों में अदालत दखल नहीं दे सकती है। साथ ही यह भी कहा कि अगर याचिकाकर्ता को धोखाधड़ी का अपराध लगता है या सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया जाता है, तो वह एक निजी शिकायत के साथ पुलिस या मजिस्ट्रेट अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।