कंगना रणौत
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दिंडोसी सिविल कोर्ट ने दिसंबर 2020 में नोटिस के खिलाफ रणौत की याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया था। निचली अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि तीनों फ्लैटों को मिलाकर ‘मंजूर योजना’ का उल्लंघन किया गया। अदाकारा के वकील बीरेंद्र सर्राफ ने मंगलवार को उच्च न्यायालय से कहा कि उनके खिलाफ ‘प्रतिशोध’ की भावना से कार्रवाई की गयी। उन्होंने दलील दी कि भवन निर्माता ने अवैध निर्माण किया था, रणौत ने नहीं।