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कंगना रणौत के फ्लैट निर्माण में अनियमितता का मामला: बंबई उच्च न्यायालय ने अंतरिम संरक्षण को जारी रखा

Tue, 02 Feb 2021 08:27 PM IST
स्वाति सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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कंगना रणौत - फोटो : twitter.com/KanganaTeam
बंबई उच्च न्यायालय ने अदाकारा कंगना रणौत के फ्लैट के निर्माण में कथित अनियमितता के खिलाफ कार्रवाई से बीएमसी को रोकने के निचली अदालत द्वारा जारी अंतरिम आदेश को पांच फरवरी तक बरकरार रखा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
उच्च न्यायालय ने रणौत से पांच फरवरी तक अवगत कराने को कहा है कि क्या वह कथित अनधिकृत बदलावों को नियमित करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में आवेदन करेंगी। बीएमसी ने उपनगर खार में ऑर्किड ब्रिज बिल्डिंग में अपने नाम तीन फ्लैटों को अवैध तौर पर मिलाने के लिए मार्च 2018 में रणौत को एक नोटिस जारी किया था। 
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कंगना रणौत - फोटो : Twitter: @kanganateam
अदालत ने मुकदमा खारिज करते हुए यह उल्लेख किया था कि तीनों फ्लैटों का समामेलन करते समय मंजूर योजना का घोर उल्लंघन हुआ था। अभिनेत्री के वकील बीरेंद्र सराफ ने मंगलवार को उच्च न्यायालय को बताया कि उनके खिलाफ प्रतिशोध का पीछा किया जा रहा था। बीएमसी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एस्पी चिनॉय और वकील जोएल कार्लोस ने तर्क दिया कि फ्लैट में कम से कम आठ अनियमितताएं थीं।

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कंगना रणौत - फोटो : Twitter: @kanganateam
दिंडोसी सिविल कोर्ट ने दिसंबर 2020 में नोटिस के खिलाफ रणौत की याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया था। निचली अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि तीनों फ्लैटों को मिलाकर ‘मंजूर योजना’ का उल्लंघन किया गया। अदाकारा के वकील बीरेंद्र सर्राफ ने मंगलवार को उच्च न्यायालय से कहा कि उनके खिलाफ ‘प्रतिशोध’ की भावना से कार्रवाई की गयी। उन्होंने दलील दी कि भवन निर्माता ने अवैध निर्माण किया था, रणौत ने नहीं।
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कंगना रणौत - फोटो : ANI
बीएमसी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील आस्पी चिनॉय और अधिवक्ता जोएल कार्लोस ने दलील दी कि फ्लैट निर्माण में कम से कम आठ अनियमितताएं पायी गयी। दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने शुक्रवार तक मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। अदालत ने कहा, ‘‘सिविल कोर्ट का 22 दिसंबर 2020 का आदेश पांच फरवरी तक लागू रहेगा और तब तक (कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का) अंतरिम आदेश भी बरकरार रहेगा।
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