गुजर गया 'नीरज' का कारवां
20 जुलाई को मशहूर कवि, लेखक और गीतकार गोपाल दास नीरज का 93 साल की उम्र में दिल्ली में निधन हो गया। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद गोपाल दास नीरज को दिल्ली के एम्स अस्पताल में लाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। गोपाल दास नीरज का फिल्मी सफर वैसे तो 5 साल का ही रहा लेकिन इस दौरान उन्होंने कई हिट गाने लिखे। उनकी अनेक कविताओं के अनुवाद बंगाली, गुजराती, मराठी, पंजाबी और रूसी भाषाओं में हुए हैं। हिंदी में उनकी कुछ मशहूर गाने जैसे 'काल का पहिया घूमे रे भइया!', 'ऐ भाई! ज़रा देख के चलो', 'शोखियों में घोला जाए फूलों का शबाब', 'जलूं मैं जले मेरा दिल' और 'दिल आज शायर है' मुख्य हैं।