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परिवार की अहमियत सिखाते हैं बॉलीवुड फिल्मों के ये शानदार डायलॉग्स, एक बार सुनना तो बनता है

Sun, 17 May 2020 05:22 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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हम साथ-साथ हैं - फोटो : सोशल मीडिया
भारत में परिवार का महत्व बहुत ज्यादा है। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि एक विदेशी चैट शो में जब ऐश्वर्या राय से पूछा गया कि क्या ये सच है कि वह अभी भी अपने माता-पिता के साथ रहती हैं? जवाब में ऐश्वर्या ने कहा- हां। भारतीयों का अपने माता-पिता के साथ रहना बहुत आम बात है क्योंकि हमें डिनर या लंच पर अपने माता-पिता से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट नहीं लेनी पड़ती। कुछ इसी तरह यहां की फिल्मों में भी परिवार की अहमियत दिखाई जाती है। ऐसी कई फिल्में बनी हैं जो पारिवारिक हैं। आज हम आपके लिए बॉलीवुड फिल्मों के कुछ ऐसे डायलॉग्स लेकर आये हैं, जिन्हें आप अपने परिवार को समर्पित कर सकते हैं।
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हम साथ-साथ हैं

फिल्म- हम साथ-साथ हैं

  • हम चाहे बंधन में बंधें न बंधें, जज्बात का रिश्ता तो दिल से है...
  • जिससे हम झगड़ते हैं प्यार भी तो सबसे ज्यादा उसी से करते हैं...
  • जितना सुख साथ रहने में है उतना अलग रहने में नहीं...
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चोरी चोरी चुपके चुपके फिल्म

फिल्म-चोरी चोरी चुपके चुपके

  • घरवालों के आंसू पोछने का एक ही तरीका है...कि हमारे आंसू न निकलें...

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प्रेम रतन धन पायो

फिल्म-प्रेम रतन धन पायो

  • हर फैमिली में प्रॉब्लम होती है पर वो खुशनसीब है जिसकी फैमिली होती है...
  • रिश्तों में एक बार दरार पड़ जाए तो पूरी जिंदगी लग जाती है उसे भरने में...
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ओम जय जगदीश - फोटो : सोशल मीडिया

फिल्म- ओम जय जगदीश

  • घर से दूर रहो तो एहसास होता है मां क्या होती है और घरवाले क्या होते हैं...
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'बागबान' में अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी

फिल्म- बागबान

  • प्यार ही तो वो जादू है जो उम्र भर जवान बनाए रखता है...
  • मां बाप जिंदगी के पेड़ की जड़ हैं...
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