टीचर्स डे पर शिक्षक और गुरू के अटूट रिश्ते को सलाम करने के लिए बॉलीवुड में ऐसी कई फिल्में है जिन्हे देखने के बाद आपको जहन में अपने गुरु का चेहरा आ जाएगा। तो इस अवसर पर आप भी अपने गुरु के साथ अपने रिश्ते संवारना चाहते हैं तो अपने गुरू के साथ देखें ये फिल्में और अगर आप उन्से दूर है तो शेयर भी कर सकते हैं।
आगे कि स्लाइड्स में देखे कुछ ऐसे ही खास फिल्में।
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तारे जमीन पर
आमिर खान फिल्म 'तारे जमीन पर' एक बच्चे और टीचर के रिश्ता बड़ा ही प्यारा अनुभव कराता है। ये फिल्म जितनी बार देखी जाए कम है। बार बार फिल्म को देखने का मन होता है।
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चक दे इंडिया
शाहरुख खान की फिल्म 'चक दे इंडिया' भी एक ऐसी ही कहानी पर आधारित है जो कोच एक पूरी महिला टीम को फर्श से अर्श पर ले जाती है।
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चिट्टागोंग
चिट्टागोंग एक भारतीय ऐतिहासिक युद्ध वाली फिल्म है। यह कहानी ब्रिटिश भारत के एक गाँव की है, जो अब बांग्लादेश में है। मनोज बाजपई और वेगा तमोटिया ने फिल्म में लीड रोल निभाया है।
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इकबाल
साल 2005 में आई फिल्म 'इकबाल' में एक बहरा और गूंगा लड़का, जो भारत के लिए क्रिकेट खेलने के सपने की कहानी बताता है। ये फिल्म एक बार अपने गुरु के साथ जरूर देखें।
'काय पो छे' ये कहानी है तीन दोस्तों की, गोविंद (राज कुमार यादव), ईशान (सुशांत सिंह राजपूत) और ओमी (अमित साध) जो अहमदाबाद में रहते हैं। गोविंद रोजी रोटी के लिए ट्यूशन देता है और ईशान एक शानदार क्रिकेट खिलाड़ी है जो कुछ भी नहीं करता। तीनों दोस्त एक खेल अकादमी शुरु करने के बारे में सोचते हैं। ईशान की मां (मुन्नी झा) पैसों की मदद करने से मना कर देती है तो ओमी के मामा बिट्टू (मानव कौल) मदद के लिए आगे बढ़ते हैं।