सिनेमा की दुनिया में जब किसी फिल्म को बनाने की बात होती है या उस पर चर्चा होती है तो सबसे पहले फिल्म के स्टार कास्ट पर काम किया जाता है, जिसमें मुख्य तौर पर हीरोइन और हीरो का चयन होता है। अक्सर फिल्म की कहानी लिखते हुए हीरो और हीरोइन के किरदार पर खास ध्यान दिया जाता है। फिल्म में दोनों के लिए मुख्य तौर पर सीन्स लिखे जाते हैं। कहा जाता है कि हीरो और हीरोइन का साथ और साझेदारी फिल्म की कहानी का आधार होते हैं, लेकिन समय के साथ यह नजरिया बदला है। पहले पुरुष प्रधान फिल्मों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता था, लेकिन अब महिला प्रधान फिल्में भी बनाई जाती हैं। ठीक उसी तरह इंडस्ट्री में कुछ फिल्में ऐसी भी हैं, जिन्हें बिना हीरोइन के बनाया गया है। उन फिल्मों को फैंस ने न सिर्फ पसंद किया, बल्कि फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी कमाई की। चलिए आज हम आपको बताते हैं उन फिल्मों के बारे में जिन्होंने बिना हीरोइन के भी दर्शकों को कहानी से बांधे रखा।