शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

पढ़ाई के बीच एक्ट्रेस बन जाने पर बोलीं तनिष्ठा चटर्जी, कहा- मेरी जिंदगी में सब अप्रत्याशित होता रहा

मुंबई डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 17 Sep 2019 07:02 AM IST
1 of 4
Tannishtha Chatterjee - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
बस यूं ही से लेकर ब्रिक लेन, देख इंडियन सर्कस, पार्चड, जल और रोड जैसी फिल्मों के जरिए तनिष्ठा चटर्जी ने सिनेमा में अपनी अदाकारी की एक अलग छाप छोड़ी है। पुणे में जन्मी तनिष्ठा दुनिया घूम चुकी हैं और दिल्ली की आबोहवा ने उनके भीतर अदाकारी का पौधा रोपा। उनकी अगली फिल्म झलकी नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के जीवन से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है। 

फिल्म झलकी में आप एक बच्ची को उसके भाई से मिलाने के जतन करने वाली पत्रकार बनी हैं? आप तो खुद भी इन सबसे जुड़ी रही हैं, तो कितना आसान रहा ये रोल निभाना?
जी हां, बाल मजदूरी को लेकर मैं लंबे समय से काम करती रही हूं। अनाथालय के बच्चो के लिए भी काम किया। मेरे बहुत सारे दोस्त पत्रकार हैं। मुझे उनकी दुनिया भी पता है। कह सकते हैं कि इस रोल के लिए मुझे अलग से बहुत कुछ तैयारी नहीं करनी पड़ी।
विज्ञापन

2 of 4
Tannishtha Chatterjee - फोटो : Social Media
फिल्म की शूटिंग मिर्जापुर में करीब 47 डिग्री सेल्सियस तापमान में हुई, ये अनुभव कैसा रहा?
मैंने बहुत सारी फिल्मों में इससे भी अधिक गर्मी में काम किया है। मैंने रेगिस्तान में भी फिल्में की हैं तो मेरे लिए यह मुश्किल नहीं रहा। असल में मुझे तो मजा ही आया क्योंकि हमारी टीम बहुत ही अच्छी थी। मिर्जापुर का खाना और गुलाब जामुन बहुत पंसद आए। गर्मी के समय गंगा किनारे नाव में बैठना और वहां के लोगों से बात करने का अनुभव स्पेशल रहा। कलाकार को इन सब चीजों में ही मजा आता है।

3 of 4
Tannishtha Chatterjee - फोटो : Social Media
एक आम आदमी बचपन बचाओ आंदोलन जैसे मुद्दों से कैसे जुड़ सकता है?
जहां भी बाल मजदूरी दिखती है उसे हमें वहीं रोकना चाहिए। सरकार पर भी लगातार दबाव बनाना चाहिए। सरकार ने अपनी ओर से कानून तो बनाए हुए हैं लेकिन पहले बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा को प्राथमिकता बनाना होगा। बड़े शहरों में खेल के मैदान कितने कम हैं। अधिकतर स्कूल इतनी छोटी जगह पर हैं कि सांस लेने तक की जगह नहीं है। बच्चे समाज का सबसे महत्वपूर्ण अंग है उसके बाद कुछ और है।

4 of 4
tannishtha chatterjee - फोटो : Social Media
दिल्ली की आबोहवा में रसायन विज्ञान पढ़ने वाली एक छात्रा को अदाकारा कैसे बना दिया?
मेरी जिंदगी में सब कुछ अप्रत्याशित ही होता रहा है। अदाकारी भी उनमें से एक है। जब मैं पढ़ रही थी तभी मैंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में एक कार्यशाला की थी। उस कार्यशाला ने मुझे पूरा बदल कर रख दिया। मैं गाना भी गाती थी तो मुझे सभी ने कला से जुड़े क्षेत्र में भविष्य बनाने की सलाह दी और मुझे खुद भी अहसास हुआ कि मुझे इसमें मजा आता है। पिता ने कई बार एमबीए करने की सलाह दी लेकिन मैं कभी भी खुद को एक्टिंग से अलग नहीं कर पाई।
विज्ञापन

Recommended Videos

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।