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शशि कपूर के ये 10 किरदार हैं हिंदी सिनेमा की धरोहर, एक में तो बिग बी पर पड़े भारी

Wed, 18 Mar 2020 10:44 AM IST
शिप्रा सक्सेना मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
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Shashi Kapoor - फोटो : file photo
हिंदी सिनेमा के दिवंगत अभिनेता शशि कपूर की गिनती सिनेमा के सबसे बेहतरीन कलाकारों में की जाती है। वे पृथ्वीराज कपूर के बेटे थे, लेकिन उनमें खुद इतना हुनर कि उन्हें शायद कभी इस नाम की जरूरत ही नहीं पड़ी। शशि कपूर अब इस दुनिया का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन सैकड़ों फिल्मों में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरने के कारण उन्हें आज भी याद किया जाता है। अपने अभिनय के दम पर उन्होंने चार राष्ट्रीय पुरस्कार और दो फिल्मफेयर पुरस्कार जीते।कला में अतुल्य योगदान देने के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया। आज उसके जन्मदिन पर हम आपको उनके कुछ बेहतरीन किरदारों के बारे में बताते हैं। 
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jab jab phool khile - फोटो : Mumbai, Amar Ujala
किरदार : राजा
फिल्म : जब जब फूल खिले (1965)

कश्मीर की हसीन वादियों में फिल्माई गई यह फिल्म शशि कपूर के लिए उनके करियर की पहली सबसे बड़ी हिट फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में शशि कपूर एक गरीब आदमी राजा के किरदार में नजर आए। वह कश्मीर की झीलों में अपनी नाव में बैठाकर पर्यटकों को नौका विहार करवाता है। अमीर घराने की लड़की रीता खन्ना (नंदा) जब कश्मीर घूमने आती है, तो राजा उससे प्यार करने लगता है। बाद में आमिर खान की करिश्मा कपूर के साथ आई फिल्म राजा हिंदुस्तानी भी इसी कहानी से प्रेरित है। इस किरदार के लिए शशि कपूर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के बीएफजेए अवार्ड से नवाजा गया।
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Chor machaye shor - फोटो : Mumbai, Amar Ujala
किरदार : विजय शर्मा
फिल्म : चोर मचाए शोर (1974)

अशोक रॉय के निर्देशन में बनी इस फिल्म में विजय शर्मा (शशि कपूर) एक इंजीनियर है, और वह एक अमीर पिता की लड़की रेखा (मुमताज) से प्यार करता है। रेखा के पिता इस रिश्ते के लिए राजी नहीं होते, क्योंकि विजय अमीर नहीं है। विजय एक सीधा साधा नौकरीपेशा आदमी है। उसे झूठे इल्जामों में फंसाकर जेल में कैद करवा दिया जाता है। इस फिल्म में शशि कपूर का बेहतरीन अभिनय देखने को मिला।  

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Deewar - फोटो : Mumbai, Amar Ujala
किरदार : रवि वर्मा
फिल्म : दीवार (1975)

'मेरे पास मां है' ये संवाद खुद में ही पूरा है। शशि कपूर के मुंह से फिल्म दीवार में ये जैसे प्रवाह में निकला, वैसे ही लोगों के जेहन में समा गया। यह पूर्व और पश्चिम जैसे नजर आने वाले दो भाइयों की कहानी है, जिसे सलीम-जावेद की लीजेंड जोड़ी ने लिखा है। शशि कपूर का किरदार इंस्पेक्टर रवि वर्मा का है, जिसे वक्त आने पर अपने भाई को ही गोली मारनी पड़ती। एक जिम्मेदार पुलिसवाले का किरदार निभाने के लिए शशि कपूर सहायक कलाकार के फिल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
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kabhi kabhi - फोटो : file photo
किरदार : विजय खन्ना
फिल्म : कभी कभी (1976)

यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शशि कपूर और अमिताभ बच्चन एक फिर साथ नजर आए। यहां इन दोनों का नाता सिर्फ इतना होता है कि अमित मल्होत्रा के रूप में अमिताभ बच्चन पूजा (राखी) से प्यार करते हैं, लेकिन पूजा की शादी उसके घरवाले विजय खन्ना (शशि कपूर) से कर देते हैं। शशि कपूर का अभिनय इस फिल्म में देखते ही बनता है। उनके अभिनय को समीक्षकों का पूरा सहयोग मिला इसलिए उन्हें सहायक अभिनेता के फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामित किया गया।  
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Junoon - फोटो : Mumbai, Amar Ujala
किरदार : जावेद खान
फिल्म : जुनून (1978)

शशि कपूर का करियर और ऊंचाइयां चढ़ गया जब उन्होंने इस फिल्म में अभिनय किया। जावेद खान के रूप में शशि कपूर एक कबूतर पालक के रूप में नजर आए। अंग्रेजी सरकार जब भारत को कब्जाना शुरू करती है तो उसमें कुछ घटनाओं के बाद जावेद का दिमाग बदल जाता है। वह रुथ (नफीसा अली) और उसके परिवार को बंदी बना लेता है। जावेद का किरदार बहुत महत्वाकांक्षी किस्म का है। उस साल में इसे सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुना गया था। यह फिल्म शशि कपूर के निर्माण में ही बनी है। इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया।
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satyam shivam sundaram - फोटो : file photo
किरदार : राजीव
फिल्म : सत्यम शिवम सुंदरम (1978)

शोमैन राज कपूर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शशि कपूर ने एक इंजीनियर का किरदार निभाया है। एक हैंडसम इंजीनियर राजीव गांव में आता है। उसके पास वहां के बांध को सही करने का जिम्मा होता है। वह गांव की लड़की रूपा (जीनत अमान) पर मोहित हो जाता है, जिसे वह गाना गाते हुए देखता है। इस फिल्म में राजीव रूपा से उसके शारीरिक अवगुणों को नजरअंदाज करते हुए प्यार करता है। यही इस फिल्म का संदेश भी है।

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Trishul - फोटो : Mumbai, Amar Ujala
किरदार : शेखर गुप्ता
फिल्म : त्रिशूल (1978)

यह फिल्म तीन लोगों की कहानी के इर्द गिर्द घूमती है, जिनका आपस में बाप बेटे का रिश्ता है। शेखर के रूप में शशि कपूर ने एक ऐसे बेटे का किरदार निभाया है, जो अपने पिता की कमियों को जानने के बाद पल भर में ही उनसे दूरियां बना लेता है। सही होने पर भी शेखर अपने सौतेले भाई विजय (अमिताभ बच्चन) का साथ भी पूरी तरह नहीं दे पाता। यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शशि ने खूब तारीफें बटोरी थीं।

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Kalyug - फोटो : Mumbai, Amar Ujala
किरदार : करण सिंह
फिल्म : कलयुग (1980)

श्याम बेनेगल के निर्देशन में बनी इस फिल्म को हिन्दुओं के महाकाव्य महाभारत का कलयुगी वर्जन माना जाता है। कहानी जरूर अलग थी, लेकिन किरदारों का गठन लगभग वैसे ही किया गया। शशि कपूर ने इसमें करण का किरदार निभाया, जो एक अनाथ होता है। ठीक महाभारत की तरह ही यहां भी करण को मजबूरन बुराई का हाथ पकड़कर आगे बढ़ना पड़ता है। शशि के निर्माण में बनी इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का फिल्मफेयर अवार्ड मिला था।

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SHASHI KAPOOR - फोटो : file photo
किरदार : राजा
फिल्म : नमक हलाल (1982)

राजा (शशि कपूर) एक होटल का मालिक है, जिसे वह अपनी मां के साथ मिलकर चलाता है। उसके होटल को हथियाने के लिए राजा को मारने आई नर्तकी निशा (परवीन बॉबी) से वह प्यार करने लगता है। निशा भी राजा से प्यार करने लगती है, इसलिए वह उसे मार नहीं पाती। राजा बहुत ही होशियार और मजाकिया किस्म का किरदार है। वह हर किसी पर भरोसा नहीं करता और आने वाले खतरे को पहले ही भांप लेता है।   
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SHASHI KAPOOR - फोटो : file photo
किरदार : विकास पांडे
फिल्म : न्यू डेल्ही टाइम्स (1986)

रमेश शर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शशि कपूर के पत्रकार विकास पांडे के किरदार में नजर आए। विकास एक साहसी और क्रांतिकारी पत्रकार है, जो अपने घर को छोड़कर दिल्ली में आकर पत्रकारिता करने लगता है। इसी नौकरी के दरमियान अपनी जान की परवाह न करते हुए विकास मीडिया और राजनेताओं के काले रिश्तों को उजागर करता है। इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए शशि कपूर को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया।

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