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Exclusive: कोरोना पर सुभाष घई ने रखी अपनी बात, कहा- 'आप भारत की शक्ति देखिए..'

Fri, 17 Apr 2020 07:39 PM IST
Avinash Pal एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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subhash ghai
देश में कोरोना का प्रकोप देखने को मिल रहा है। ऐसे में बॉलीवुड भी मदद के लिए आगे आ रहा है। न सिर्फ आर्थिक मदद बल्कि सितारे अपने फैंस को सुरक्षित घर पर रहते हुए सरकार के निर्देशों का पालन करने की भी समझाइश दे रहे हैं। ऐसे में बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशकों की लिस्ट में शुमार सुभाष घई ने अमर उजाला से कई मुद्दों पर खुलकर बात की।
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सुभाष घई
सुभाष घई ने बातचीत की शुरुआत कोरोना और भारतीय शक्ति से करते हुए कहा, 'इस संकटकाल का ताल्लुक हमारे भारतीय लोगों के साथ बहुत कुछ है। आप भारत की शक्ति देखिए, जब हम पर संकट आता है तो हम सबसे पहले क्या करते हैं, हम प्रार्थना करते हैं और प्रार्थना हम गाकर करते हैं। कभी श्लोक तो कभी मंत्र पढ़ते हैं, तो सबसे बड़ी देन है ईश्वर की, जब भी कष्ट में हो तो मेरा ध्यान कर, थोड़े गीत गा, थोड़े भजन गा, थोड़ी कहानियां सुन, थोड़ी आंतरिक शक्ति रख और ये चारों चीजें जो हैं वो हमारे भारत में हैं। 
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सुभाष घई
सुभाष ने आगे कहा, 'मैं ये कहूंगा कि एंटरटेनमेंट एक बहुत बड़ी देन है। आप देखेंगे कि पूरा भारत आज घर में है और क्या कर रहा है। फिल्में देख रहा है, वेब सीरीज देख रहा है, ज्ञान की बात सुन रहा है, म्यूजिक सुन रहा है। अपने घर में बैठने आसान नहीं है, ईश्वर ने भारत में ये देन दी है। करीबन 46 ललित कलाओं के मिश्रण के बाद आपके सामने टीवी पर कुछ प्रस्तुत होता है। आज से नहीं हजारों सालों से हमारे सामने अलग अलग संकट आए हैं, लेकिन हर बार हम जीते हैं।' 

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सुभाष घई
सुभाष कहते हैं, 'हम भारतीयों के अंदर एक शक्ति है जो हम किसी से भी समस्या से लड़ सकते हैं। हमारी प्राचीन कहानियां ही हमें प्रेरित करती हैं। जैसे जब राम 14 साल वनवास में रह सकते हैं तो हम कुछ दिन घर में क्यों नहीं रह सकते। हम तो खुशनसीब हैं कि हम अपने ही घर में हैं। चाहें चर्च की बेल हो, मस्जिद की अजान हो या मंदिर की भजन- आरती, हम ईश्वर को आंख बंद करके याद करते हैं। सिर्फ हमें इस समझ के साथ काम करना है कि इस संकट के अंदर हम क्या करें। इस क्या करें के लिए हमारे बुजुर्ग, परिजन, बड़े भाई, नेता आदि होते हैं जो बताते हैं कि क्या करना है।'
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Subhash Ghai
सुभाष आगे कहते हैं, 'बतौर एक नाटककार या फिल्ममेकर मैं ये कहूंगा कि ये जीवन का एक नाटक है। ये हजारों साल से था और आगे भी आता रहेगा। लेकिन हम इतने शक्तिशाली बने की हर बार आगे निकलते रहे। हम जो संकल्प रखते हैं, उस वजह से कोरोना जैसे बीमारी से जीत जाते हैं। हमारी शक्ति धर्म से, बड़े बड़े लोगों से आते हैं।मैं आज ही सोच रहा था कि हमारे दादा, परदादा में कितनी शक्ति थी। आज हमारे पास सरकार है, शक्ति है, एनजीओ है, तकनीक है। इतने साल से भारत ने तरक्की की है। सोशल हो या तकनीक हो, हमने हमेशा तरक्की की है, हम वो लोग हैं जो किसी भी हालत में लड़ सकते हैं और जीत सकते हैं।'

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