किसी भी महिला के लिए मैगजीन के कवर पेज पर बिना कपड़ों के आना बहुत बड़ी बात होती है और ये साहसी काम बड़ी ही आसानी के साथ किया कबीर बेदी की पत्नी और ओडिशी डांसर प्रोतिमा बेदी ने। आपको बता दें कि प्रोतिमा बेदी ने सिनेब्लिड्ज मैगेजीन के लिए मुंबई के जुहू बीच पर ऐसी दौड़ लगाई थी कि वो सुर्खियों में आ गईं थीं। हालांकि इससे भी ज्यादा वो अपने अफेयर्स के चलते चर्चा में रहती थीं।
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शादी से पहले इस एक्टर संग लिव इन में रही, अधूरी रह गई जिंदगी की ये ख्वाहिश
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प्रोतिमा बेदी का अपने जीवन के दौरान पंडित जसराज, वसंत साठे, विजयपत सिंघानिया, मारियो क्रोप्फ, जैक्स लेबेल, रोम व्हिटकर और रजनी पटेल से अफेयर चला था। मॉडलिंग के जोशीले दिनों में प्रोतिमा बेदी की कबीर बेदी से मुलाकात हुई थी। वो दोनें एक पार्टी में मिले थे। अपनी मुलाकात के कुछ महीनों के भीतर ही प्रोतिमा कबीर के साथ रहने के लिए अपने अभिभावकों का घर छोड़ कर चली आई थीं।
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शादी से पहले इस एक्टर संग लिव इन में रही, अधूरी रह गई जिंदगी की ये ख्वाहिश
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उस समय के बम्बई समाज में ऐसा कभी नहीं हुआ था। ये उनकी व्यक्तिवादी भावनाओं की ओर एक और संकेत था जो उनके पूरे जीवन के दौरान जारी रहा। वो अपनी सभी अफेयर्स को लेकर बहुत खुश रहती थीं। लोगों के तरह-तरह के सवाल पूछने पर भी उन्हें कभी बुरा नहीं लगता था। प्रोतिमा शादी से पहले कबीर बेदी के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहती थीं। उनके दो बच्चे हुए - पूजा बेदी और सिद्धार्थ।
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शादी से पहले इस एक्टर संग लिव इन में रही, अधूरी रह गई जिंदगी की ये ख्वाहिश
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प्रोतिमा ने ओडिशी नृत्य सीखने के लिए अपना लाइफस्टाइल बदला, दोस्तों को छोड़ दिया, सिगरेट, शराब सब छोड़ दी। यहां तक कि उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि परिवार टूटने की वजह भी यही रही थी। डांस सीखने में उन्होंने बहुत कुछ सीखा। यहीं पर उन्होंने पहली बार किसी के पांव छुए। हर शाम पूजा करना शुरू किया। गुरु से थप्पड़ भी खाए।
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उन्हें आजाद रहना बहुत पसंद था। वो किसी की नहीं सुनती थीं। यहां तक की अपने माता-पिता की भी नहीं। उन्हें जिंदगी की रंगीनियां देखनी थी। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि अब वो अपनी पूरी जिंदगी हिमालय को देना चाहती हैं। वो कैलाश मानसरोवर गई थीं। यहां 18 अगस्त, 1998 को लैंडस्लाइड में उनकी मौत हो गई। आजाद जिंदगी की तलाश में जीतीं प्रोतिमा जीवन से ही आजाद हो गईं।