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'मोगैंबो' को देख असल जिंदगी में खौफ खाते थे लोग, फिल्मों के लिए छोड़ दी थी 21 साल पुरानी नौकरी

Fri, 22 Jun 2018 07:34 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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अमरीश पुरी
बॉलीवुड में कुछ विलेन ऐसे रहे हैं जो अपनी एक्टिंग से फिल्म में हीरो को भी पीछे छोड़ देते थे। उन्हीं में से एक हैं 'मोगैंबो' यानी अमरीश पुरी। अमरीश पुरी का जन्म 22 जून 1932 को पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। उन्होंने 12 जनवरी 2005 को 72 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें..
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अमरीश पुरी
अमरीश पुरी हीरो बनने का ख्वाब लेकर मुंबई आए थे लेकिन किस्मत ने उन्हें विलेन बना दिया। जब उन्हें फिल्मों के ऑफर आने लगे तो कर्मचारी राज्य बीमा निगम की अपनी करीब 21 साल की सरकारी नौकरी छोड़ दी। उन्होंने इस्तीफा तब दिया जब वो ए ग्रेड के अफसर बन चुके थे। 
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अमरीश पुरी
दरअसल, अमरीश पुरी ने नौकरी के साथ ही पृथ्वी थियेटर ज्वाइन किया था। वह तो थियेटर में आने के साथ ही नौकरी छोड़ देना चाहते थे लेकिन उनके दोस्तों ने इसके लिए मना किया। बाद में जब उन्हें फिल्मों के लगातार ऑफर आने लगे तो उन्होंने इस्तीफा देना ही बेहतर समझा।

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अमरीश पुरी और शाहरुख खान
अमरीश पुरी जब 22 साल के थे तो उन्होंने हीरो के लिए एक ऑडिशन दिया था लेकिन प्रोड्यूसर ने उनको ये कहते हुए खारिझ कर दिया था कि उनका चेहरा बड़ा पथरीला है। बाद में उन्होंने 39 साल की उम्र में फिल्म 'रेशमा और शेरा' (1971) में एक ग्रामीण मुस्लिम व्यक्ति का किरदार निभाया था। फिल्म में उनके साथ सुनील दत्त और वहीदा रहमान थे।
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अमरीश पुरी - फोटो : SELF
80 के दशक में जाकर अमरीश पुरी की पहचान बननी शुरू हुई। 1980 में डायरेक्टर बापू की फिल्म ‘हम पांच’ में संजीव कुमार, मिथुन चक्रवर्ती, नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, राज बब्बर जैसे कई दमदार एक्टर थे। इसमें अमरीश पुरी ने क्रूर जमींदार ठाकुर वीर प्रताप सिंह का रोल किया था। 
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अमरीश पुरी
बतौर विलेन उन्हें सबने नोटिस किया लेकिन डायरेक्टर सुभाष घई की ‘विधाता’ (1982) से वो बॉलीवुड की कमर्शियल फिल्मों में बतौर विलेन छा गए। फिर अगले साल आई ‘हीरो’ के बाद उन्हें कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा। एक वक्त ऐसा भी आया जब अमरीश पुरी के बगैर कोई फिल्म बनती ही नहीं थी। 
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अमरीश पुरी
बाद में अमरीश पुरी ने विलेन के रूप में कई दमदार भूमिकाएं निभाईं। फिल्मों में उनके अलग-अलग गेटअप किसी को भी डराने के लिए काफी होते थे। 'अजूबा' में वजीर-ए-आला, 'मि. इंडिया' में मोगैंबो, 'नगीना' में भैरोनाथ, 'तहलका' में जनरल डोंग का गेटअप आज भी लोग भुला नहीं पाए हैं।

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अमरीश पुरी
बॉलीवुड में खलनायकी को लगभग चार दशक तक अपने अभिनय से खास पहचान देने वाले अमरीश पुरी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि 'मैं जब आम जगहों पर जाता हूं तो कई लोग मुझ पर गुस्सा करते हैं और सोचते हैं कि असल जिंदगी में भी मैं फिल्मों की तरह ही क्रूर हूं। लोग असलियत में मुझसे नफरत कर बैठते थे।' 
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अमरीश पुरी
अमरीश पुरी ने 1967 से 2005 के बीच 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। उनकी आखिरी फिल्म 'कच्ची सड़क' थी जो उनके निधन के बाद रिलीज हो पाई थी। अमरीश पुरी ने हिंदी के अलावा, कन्नड़, मराठी, पंजाबी, मलयालम, तेलुगू, तमिल और कुछ एक हॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया। 
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