Bidita Bag
- फोटो : मुंबई टीम, अमर उजाला
बाउमा फिल्म समीक्षकों द्वारा सराही गई लघु फिल्म है, जिसकी कहानी एक रहस्यमयी पत्नी के बारे में है, वहीं निरबान एक आध्यात्मिक यात्रा की बात करती है। बिदिता कहती हैं, “इस साल फेस्टिवल में मेरी दो फिल्मों का चयन किया गया है। एक कलाकार के लिए बॉक्स ऑफिस की सफलता जितनी मायने रखती है उतना ही महत्व प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों फिल्मों के चयन से भी होता है। ऐसे महोत्सव कंटेंट आधारित फिल्मों की मांग बढ़ाते हैं। जिससे अच्छी स्क्रिप्ट्स पर फिल्म बनाने को प्रोत्साहन मिलता है। मैं अपनी दोनों ही फिल्मों में पूरी तरह से अलग किरदार निभा रही हूं।”