Bidita Bag
- फोटो : amar ujala
मुंबई का पहला अनुभव कैसा रहा?
मेरी थिएटर की ट्रेनिंग रही है। मॉडलिंग में तो खैर जितना ऊपर कोई जा सकता है, वहां तक का आसमान छू लिया लेकिन, मुंबई इतना कुछ सिखाएगी मुझे एहसास नहीं था। यहां रिश्ते-नाते, जान-पहचान कुछ काम नहीं आती। मुझे लगा था मैं टॉप मॉडल हूं लोग मुझे हाथोंहाथ लेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। मुंबई में एक्टिंग को करियर बनाने के लिए आने वाली लड़कियों को मैं यही बता सकती हूं कि हर दूसरे करियर की तरह यहां भी संघर्ष बहुत है। एक सीट के लाखों दावेदार हैं और यहां कोई रिजर्वेशन भी नहीं है।
अब तो आपने नाम भी कमा लिया है, कामयाबी भी आपके अपने घर की खिड़की से दिख ही रही है, किधर जाती दिख रही है आपको अपनी यात्रा?
मैं सुपरस्टार बनने की कोशिश नहीं कर रही हूं। मैं सिर्फ अच्छे और ऐसे दमदार किरदार करने की कोशिश कर रही हूं, जिनमें एक कलाकार की अदाकारी दर्शकों को दिख सके। मेरी सुंदरता को देख जो रोल मुझे आते हैं, वे मैं नहीं करती। घर मेरा मॉडलिंग से चलता है। अभिनय मेरा जुनून है। सिनेमा और डिजिटल की बड़ी कंपनियां अपने पास आने वाले निर्माताओं को मेरा नाम सुझाती हैं, यही मेरे अभिनय की असली कामयाबी है।