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पैसों की तंगी के चलते पत्नी ने छोड़ा था साथ, संगीत को साथी बनाकर भूपेन हजारिका ने काटी पूरी जिंदगी

Fri, 08 Sep 2017 02:32 PM IST
amarujala.com- Written by :भावना शर्मा
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भूपेन हजारिका
असम में जन्मे भूपेन हजारिका ने एक म्यूजिशियन के तौर पर पूरे देश का नाम रोशन किया। साल 2011 में उनका निधन हो गया था। आइए जानते हैं भूपेन हजारिका के बारे में कुछ अनसुनी बातें...

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भूपेन हजारिका
भूपेन हजारिका का जन्म 8 सितंबर 1926  को असम में हुआ था। हजारिका 10 भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। अपनी मां को देखकर उन्हें गाने की प्रेरणा मिली थी। भूपेन का बचपन गुवा‌हाटी में बीता। 10 साल की उम्र में  उन्होंने असमिया भाषा में गाना शुरू कर दिया था। फिल्म मेकर ज्योतिप्रसाद अग्रवाल ने जब उनकी आवाज सुनी तो उन्हें ये आवाज बेहद पसंद आई। 1936 में कोलकाता में भूपेन ने अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया था। हजारिका ने ज्योतिप्रसाद की फिल्म 'इंद्रमालती' में दो गाने गाए थे।

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भूपेन हजारिका
13 साल की उम्र में हजारिका ने अपना पहला गाना लिखा था। यहीं से उनके सिंगर, कंपोजर और लिरिसिस्ट बनने का सफर शुरू हो गया ‌था। 1942 में भूपेन ने आर्ट से इंटर की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से उन्होंने एमए किया। पढ़ाई पूरी होने के बाद हजारिका ने गुवाहाटी में ऑल इंडिया रेडियो में गाना शुरू कर दिया। इसके साथ हजारिका बंगाली गानों को हिंदी में ट्रांसलेट कर उन्हें अपनी आवाज देते थे। हजारिका को कई भाषाओं का ज्ञान था। 

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भूपेन हजारिका
समय बीतने के साथ वो स्टेज परफॉर्मेंस भी देने लगे। एक बार वो कोलंबिया यूनिवर्सिटी गए। यहां उनकी मुलाकात  प्रियम्वदा पटेल से हुई। दोनों में प्यार हुआ और यूएस में ही 1950 में दोनों ने शादी कर ली। 1952 में उनके एक बेटा हुआ। 1953 में हजारिका अपने परिवार के साथ भारत लौट आए। लकिन दोनों ज्यादा समय तक साथ नहीं रह पाए। भारत आकर हजारिका ने गुवाहाटी यूनिवसिर्टी में टीचर की जॉब की। 
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भूपेन हजारिका
बहुत समय तक वो टीचर की नौकरी नहीं कर पाए और रिजाइन दे दिया। पैसों की तंगी की वजह से उनकी पत्नी प्रियम्वदा ने उन्हें छोड़ दिया। इसके बाद हजारिका ने म्यूजिक को ही अपना साथी बना लिया। उन्होंने रुदाली, मिल गई मंजिल मुझे, साज, दरमियां, गजगामिनी, दमन और क्यों जैसी सुपरहिट फिल्मों में गीत दिए। हजारिका ने अपने जीवन में एक हजार गाने और 15 किताबें लिखीं। इसके अलावा उन्होंने  स्टार टीवी पर आने वाले सीरियल 'डॉन' को प्रोड्यूस भी किया था।
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भूपेन हजारिका
म्यूजिक के क्षेत्र में उनके अद्भुत योगदान के लिए उन्हें 1975 में  राष्ट्रीय पुरस्कार, 1992 में सिनेमा जगत के सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहब फाल्के सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें 2009 में असोम रत्न और इसी साल संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड, 2011 में पद्म भूषण जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उनके यादगार गानों में 'दिल हूं हूं' और 'जूठी मूठी मितवा' है।
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