begum akhtar
संतान ना पैदा होने के कारण वो बहुत दुखी रहने लगी थीं। तब डॉक्टरों ने कहा कि गाने से उनकी बीमारी ठीक हो सकती है। तब पति की रजामंदी के बाद 1949 में वे ऑल इंडिया रेडियो लखनऊ से जुड़कर गायन की दुनिया में वापस आ गईं। एक बार बेगम अख्तर एक संगीत सभा में भाग लेने मुंबई गईं। वहीं उन्होंने अचानक तय किया कि वो हज करने मक्का जाएंगी। जब तक वो मदीना पहुंची, उनके सारे पैसे खत्म हो चुके थे। उन्होंने जमीन पर बैठकर नात पढ़ना शुरू कर दिया। लोगों की भीड़ लग गई और इस तरह उन्होंने पैसे जमा किए। हज से आने के बाद दो साल तक बेगम अख्तर ने शराब को हाथ नहीं लगाया, मगर धीरे-धीरे फिर से पीना शुरू कर दिया।