बलराज साहनी
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राजधानी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में साल 1976 में पहला दीक्षांत समारोह हुआ था। उस दौरान एक्टर के भाषण ने सबको हिला कर रख दिया था। उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि अभी हमारी हालात उस पक्षी की तरह है, जो लंबे समय से बाद पिंजरे से तो आजाद हो गया, लेकिन यह नहीं जानता कि इसका करना क्या है। पंख होने के बाद भी वह उसी सीमा तक रहना चाहता है, जो उसके लिए निर्धारित की गई है।