neena gupta
नीना गुप्ता ने ने कहा कि हिंदी में नए अच्छे नाटक आए ही नहीं। पुरानी चीजें ही बार-बार दोहराई जाती हैं। अभी तक लोग मोहन राकेश के नाटक ही किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा समाज ईजी-मनी की तरफ जा रहा है। सबको जल्दी-जल्दी पैसा कमाना है। अत: लेखक भी वैसा ही कर रहे हैं। नीना बताती हैं कि 'बीए में मैंने पास कोर्स किया था। उस वक्त एक विषय संस्कृत था। वह इसलिए लिया था कि उसमें नंबर अच्छे आते हैं। तब मैं हॉकी खेला करती थी। कॉलेज पॉलिटक्स में भी थी तो लगता था कि एक आसान विषय ले लो। मेरे विषय थे राजनीति शास्त्र, हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी मेरे विषय थे। फिर मुझे संस्कृत में मजा आने लगा। कालिदास में मजा आने लगा।'