फाइल फोटो
बेटे भल्लालदेव के षड्यंत्र में फंसकर या यूं कहें कि ये सोचकर कि मेरे एक बेटे को कुछ नहीं मिला जबकि एक राजा बन गया, वो वैसा ही करती जाती है जैसा कि उससे भल्लालदेव करने को कहता है। भल्लालदेव की वजह से शिवगामी की आंखों पर क्रोध की ऐसी पट्टी बंध जाती है कि वो सही क्या है और गलत क्या, ये देख ही नहीं पाती...और फिर वो एक बेटे के लिए अपने दूसरे बेटे यानि बाहुबली को कुर्बान कर देती है।