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बॉलीवुड की एक मां ऐसी जिसने न्याय के लिए दी थी अपने बेटे की बलि, जानिए क्यों किया ऐसा?

Sun, 12 May 2019 10:05 AM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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फाइल फोटो
'बाहुबली 2' भारतीय सिनेमा की एक ऐसी फिल्म बन गई है जिसने सारे रिकॉर्ड धवस्त करते हुए ना सिर्फ जबरदस्त कमाई की बल्कि कई करिश्माई रिकॉर्ड भी बनाए हैं, लेकिन इसके साथ ही ये फिल्म एक ऐसी फिल्म के तौर पर भी उभरकर सामने आई है जिसमें मां का जबरदस्त किरदार दिखाया गया।
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फाइल फोटो
कहा जाता है कि भगवान एक साथ हर जगह नहीं मिल सकते और इसलिए उसनें मां को बनाया ताकि उनके रूप में वो अपने बच्चों और परिवार का ख्याल रख सके। मां जैसा बलिदान देने वाला और उन जैसा निस्वार्थ प्रेम करने वाला इस दुनिया में कोई नहीं। 'बाहुबली 2' में भी मां के किरदार की इसी खूबी को दिखाया।
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फाइल फोटो
न्याय, प्रेम और सच की जीत के लिए बाहुबली की मां अपने बेटों का बलिदान देने से भी नहीं चूकती। हालांकि उसकी औलाद उसके इसी प्रेम का फायदा उठाने की कोशिश करती है और षड्यंत्र रचती है, लेकिन कहते हैं ना कि मां किसी के आगे मजबूर नहीं होती लेकिन अपनी औलाद के सामने वो झुक जाती है।

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फाइल फोटो
अपने एक बेटे को वो राजपाट सौंपती है पर कहीं उसका दूसरा बेटा बुरा ना मान जाए इसलिए शिवगामी दूसरे बेटे को उसके भोग के लिए कई अद्भुत चीजें मंगवाकर देती है। वो दोनों बेटे उसी के हैं इसलिए वो उनके लिए पक्षपाती भी नहीं हो सकती, लेकिन सत्ता और लोभ के लालच में एक बेटा भल्लालदेव अपनी मां के इसी निस्वार्थ प्रेम को देख नहीं पाता और ऐसा षड्यंत्र रचता कि वो फंस जाती है।
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फाइल फोटो
बेटे भल्लालदेव के षड्यंत्र में फंसकर या यूं कहें कि ये सोचकर कि मेरे एक बेटे को कुछ नहीं मिला जबकि एक राजा बन गया, वो वैसा ही करती जाती है जैसा कि उससे भल्लालदेव करने को कहता है। भल्लालदेव की वजह से शिवगामी की आंखों पर क्रोध की ऐसी पट्टी बंध जाती है कि वो सही क्या है और गलत क्या, ये देख ही नहीं पाती...और फिर वो एक बेटे के लिए अपने दूसरे बेटे यानि बाहुबली को कुर्बान कर देती है।
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बाहुबली - फोटो : SELF
लेकिन जब उसे इस बात का अहसास होता है कि उसने क्या किया है तो वो अपने उसी बेटे भल्लालदेव को सजा देने तक से भी नहीं कतराती जिसकी वजह से उसका दूसरा बेटा चला गया। जिस मां के वचन से माहेश्मती का शासन चलता है, जिसकी एक आवाज पर चारों तरफ सन्नाटा छा जाता है वही मां न्याय और सच की जीत के लिए अपने दोनों बेटों को कुर्बान कर देती है।
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