Ayushmann Khurrana
- फोटो : amar ujala, mumbai
आयुष्मान की कविता है:
आज मेरे पास कोई शब्द नहीं है
आज कोई कविता उपलब्ध नहीं है
इन तालियों की गूंज और शंखनाद
पांच मिनट के लिए कर दिए इस बंद सा मरुस्थलाबाद
आज शहर का प्रदूषण ए क्यू आई पर पचास है
यहां के पशु पक्षी पहले से ज्यादा खुशमिजाज हैं
सभी चिकित्सकों और डॉक्टरों को शत शत प्रणाम है
इस बीमारी को लड़ने में क्या हिंदू क्या मुसलमान है
आज देश का मनुष्य लॉकडाउन से उतना हतप्रभ नहीं है
आज मेरे पास कोई शब्द नहीं है
आज कोई कविता उपलब्ध नहीं है