आयुष्मान खुराना
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आयुष्मान कहते हैं, “हमें मालूम है कि कोविड-19 का यह दौर किसी के लिए भी खासतौर पर बच्चों के लिए बिल्कुल आसान नहीं रहा है और उन पर हिंसा का खतरा काफी बढ़ गया है। हम जागरूक बनकर और अपने आसपास के बच्चों की हिफाज़त करके इसे रोक सकते हैं। पुरुषों और लड़कों के रूप में हमारी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी यह है कि हम दूसरों के लिए रोल मॉडल बनें, क्योंकि हम जानते हैं कि अक्सर पुरुष ही इस तरह के हिंसा के लिए दोषी होते हैं। यूनिसेफ का सेलिब्रिटी एडवोकेट होने के नाते, मैंने बच्चों के खिलाफ़ होने वाले हिंसा को खत्म करने का संकल्प लिया है।