aribam shyam sharma
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गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन बिल में अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आकर भारत में रह रहे हिंदू, ईसाई, जैन, पारसी और बौद्ध समुदाय के लोगों को 12 साल के बजाय 6 साल में बिना वैध दस्तावेज भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है।