फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तानी अभिनेताओं के चयन से नाखुश थे एआर रहमान, '99 सॉन्ग्स' के इवेंट में किया खुलासा

Thu, 20 Feb 2020 11:06 PM IST
Mishra Mishra अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
1 of 7
AR Rahman - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
ग्रेमी व अकादमी पुरस्कार विजेता संगीतकार ए. आर. रहमान अब लेखक और निर्माता के तौर पर नजर आने वाले हैं। गुरुवार को उन्होंने मुंबई में अपनी इस फिल्म का पहला गाना 'ज्वालामुखी' लॉन्च किया। 15 गानों वाली इस म्यूजिकल फिल्म को तीन भाषाओं हिंदी, तमिल और तेलुगू में रिलीज किया जाएगा। इस फिल्म में एहान भट्ट मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। समारोह के दौरान ए. आर. रहमान ने मीडिया से बातचीत की और इसे अपनी जिंदगी का सबसे कठिन प्रोजेक्ट करार दिया।  
विज्ञापन

2 of 7
99 Songs - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
नई तकनीक का इस्तेमाल
इस फिल्म में ए. आर. रहमान ने संगीत को जीवंत करने के लिए डॉल्बी एटमॉस तकनीक का इस्तेमाल किया है। इस तकनीक का इस्तेमाल करने वाले रहमान इंडस्ट्री के पहले कलाकार हैं। इसके सहारे लोगों का अनुभव और भी शानदार हो जाता है और वे संगीत के और करीब हो जाते हैं। दुनियाभर में कलाकार तेजी से इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। रहमान का कहना है कि यह कलाकार और दर्शकों के रिश्ते को और भी मजबूत करता है। इसके साथ लोग वास्तव में वाद्य यंत्रों और स्वरों को अलग-अलग अनुभव कर सकते हैं।
विज्ञापन

3 of 7
99 Songs - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
कलाकारों ने लिया संगीत का कठिन प्रशिक्षण
इस फिल्म के जरिए सिनेमा जगत में डेब्यू करने वाले एहान भट्ट ने कहा कि उन्हें कॉस्टिंग निर्देशक मुकेश छाबड़ा के जरिए रहमान की फिल्म में मौका मिला।  इस फिल्म के लिए उन्होंने संगीत का एक साल का प्रशिक्षण लिया था। इसके लिए वह चेन्नई में ए. आर.रहमान के पास गए थे। इस फिल्म में उन्होंने तीन साल की मेहनत की है। वहीं ए. आर. रहमान के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह उनके आदर्श हैं। संगीत में महारथ के अलावा वह बहुत ही अच्छे इंसान भी हैं जो सभी से एक समान बात करते हैं। फिल्म के निर्देशक विश्वेश कृष्णमूर्ति ने कहा कि जब किसी फिल्म के साथ ए. आर. रहमान जुड़े हों तब आपको उसके संगीत को पूरी तरह से असल रखना होता है। इस वजह से फिल्म के हीरो के साथ ही सहायक कलाकारों को भी संगीत का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया।

4 of 7
99 Songs - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
सही समय पर आई फिल्म
रहमान ने समारोह के दौरान एक बार फिर से रीमिक्स गानों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से लगातार रीमिक्स गानों का निर्माण हो रहा है। यह अच्छा है लेकिन सीमा से अधिक निर्माण घातक है। यह साल इस म्यूजिकल फिल्म के लिए एकदम मुफीद है। इस फिल्म में हमने 15 ट्रैक रखे हैं। गौरतलब है कि उन्होंने कुछ दिनों पूर्व रीमिक्स गानों पर कटाक्ष किया था। 
विज्ञापन

5 of 7
99 Songs - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
रहमान को प्रोत्साहित करने पहुंचे फिल्मकार
'99 सॉन्ग्स' रहमान की लेखक और निर्माता के तौर पर पहली फिल्म है। रहमान ने खुद भी अपना सबसे मुश्किल प्रोजेक्ट करार दिया है। उन्होंने बताया भी कि कई बार लेखक के तौर पर किया गया काम निर्माता के नजरिए से पसंद नहीं आता था तो कई बार निर्माता के नजरिए से लेखक रजामंद नहीं रहता था। कुछ बार तो ऐसा भी हुआ कि दोनों के ही ख्यालात से निर्देशक से इत्तेफाक नहीं रखा। फिल्म में कलात्मक और वित्तीय, दोनों ही पक्षों का ख्याल रखना था। रहमान के लिए यह फिल्म कितनी खास है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी इस नई पारी का गवाह बनने के लिए फिल्मकार बोनी कपूर, आनंद एल. राय, और मुकेश छाबड़ा जैसी हस्तियां पहुंची थी।
विज्ञापन

6 of 7
ए आर रहमान - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
पाकिस्तानी कलाकार आ सकते थे नजर
रहमान ने इस दौरान यह भी खुलासा किया कि फिल्म में हमें एक ऐसे अभिनेता की जरूरत थी जो संगीत के साथ-साथ अभिनय भी कर सके और उसके भाषा का उच्चारण भी अच्छा हो। इस पैमाने पर निर्देशक की नजरों में तीन पाकिस्तानी कलाकार खरे उतरे थे। फिर रहमान ने इस बारे में आगाह किया कि अगर भविष्य में दोनों देशों के रिश्तों के बीच कुछ खटपट होती है तो फिल्म के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं इसलिए यहीं (भारत) के किसी अभिनेता को ढूंढने की कोशिश करते हैं। वहीं निर्देशक विश्वेश कृष्णमूर्ति ने कहा कि यह सब बस किस्मत से हो रहा था कि मेरी नजरों में पहले वह तीन कलाकार आए थे जो पाकिस्तान से थे।  लेकिन अब वे खुशी से कह सकते हैं कि एहान भट्ट इस किरदार के लिए सर्वोत्तम कलाकार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
AR Rahman
बड़े स्तर की फिल्म है 99 सॉन्ग्स  
रहमान ने बातचीत के दौरान कहा कि वह दक्षिण भारत में रहते हैं इसलिए वहां की भाषा में उनके लिए फिल्म बनाना आसान था लेकिन उनके अनुसार फिल्म का स्तर किसी भी राज्य की सीमा से कहीं आगे है और हिंदी की पहुंच सबसे अधिक है इसलिए उन्होंने इस फिल्म को हिंदी में  बनाने का निर्णय लिया। वे तमिल से हिंदी की डबिंग भी कर सकते थे लेकिन फिर अभी वाली बात नहीं रहती। 

हुबहू स्मिता पाटिल जैसी नजर आईं ऋचा चड्ढा, तस्वीर साझा कर दी श्रद्धांजलि
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें