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'बेटा, तुमसे ना हो पायेगा, क्यों सुपरहिट हो जाते हैं अनुराग कश्यप की फिल्मों के ऐसे डायलॉग?

Sun, 16 Sep 2018 03:25 PM IST
मनोरंजन डेस्क,अमर उजाला
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anurag kashyap
जहां फिल्म 'ब्लैक फाइडे' 1993 बॉम्बे बम ब्लास्ट की सच्ची कहानी पर आधारित थी तो वहीं 'देव डी' शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास देवदास का आधुनिक रूपांतरण था। इसी तरह जहां 'ग़ुलाल' छात्र राजनीति को दर्शाती है, वहीं 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' समाज में मौजूद विभिन्न अपराधों का फिल्मी रूपांतरण है। 'रमन राघव 2.0' असल सीरियल किलर से प्रेरित फिल्म थी तो 'सेक्रेड गेम्स' सीरीज विक्रम चंद्रा के उपन्यास का फिल्मांकन है।
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anurag kashyap
हिंदी फ़िल्मों में डायलॉगबाजी का लंबा चलन रहा है, लेकिन अनुराग कश्यप की फिल्मों में आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग ज्यादा  होता है। बावजूद इसके उनके कई डायलॉग दर्शकों को भा जाते हैं और उनकी जुबा पर चढ़ जाते हैं। इस हफ्ते रिलीज  हुई अनुराग कश्यप की फिल्म 'मनमर्ज़ियां' आज के दौर की प्रेम कहानी है जिसकी पृष्ठभूमि पंजाब रखी गई है। फिल्म के ट्रेलर में कई डायलॉग हैं जो लोगों को पसंद आ रहे हैं। जैसे, 'तू बंदा ना बड़ा सही है पर ज़िम्मेदारी के नाम पर ना  देता है', 'तू प्यार करने छतें टप के आ सकता है, तू घर नहीं आ सकता शादी की बात करने?'
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Anurag Kashyap
हालांकि,फिल्म की कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग लेखिका कनिका ढिल्लों ने लिखे हैं ,और अनुराग कश्यप इस फ़िल्म से बतौर निर्देशक बाद में जुड़े। कनिका कहती हैं, "फ़िल्म में जो भाषा है वो किरदारों से ही आई है। मेरा मकसद था कि उनकी भाषा आम ही रखूं ताकि वो दर्शकों से जुड़ सके."

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कनिका ने माना कि पंजाबी होने के कारण उस पृष्ठभूमि की कहानी उनके लिए आसान रही, फिल्म  में 'फ़्यार' शब्द भी काफी चर्चा में है जिसका श्रेय कनिका, अनुराग कश्यप को देती हैं।वो कहती हैं, "फिल्म में दो प्रेमी जोड़े हैं ,जिसमें एक शारीरिक और एक भावुक तरीक़े से जुड़ा हुआ है। दोनों के प्रेम को एक शब्द में जोड़ने के लिए अनुराग ने 'फ़्यार' शब्द इजाद किया, जो गाने के ज़रिये फ़िल्म के डायलॉग का हिस्सा भी बन गया है."
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अनुराग कश्यप की फिल्म  'गैंग्स ऑफ़ वासेपुर' के डायलॉग बहुत मशहूर हुए थे। 'मारेंगे नहीं सा को, कह के लेंगे', 'बेटा, तुमसे ना हो पायेगा', 'बाप का, दादा का, भाई का, सबका बदला लेगा तेरा फैजल', 'ये वासेपुर है, यहाँ कबूतर भी एक पंख से उड़ता है और दूसरे से अपनी इज़्जत बचाता है।गैंग्स ऑफ़ वासेपुर की कहानी जीशान कादरी ने लिखी थी जिनका ताल्लुक वासेपुर से ही है. फिल्म के किरदार और उनके डायलॉग को दर्शकों ने बहुत पसंद किया. फिल्म में मनोज बाजपेई, नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी, पंकज त्रिपाठी, हुमा कुरैशी, ऋचा चड्ढा और कई बेहतरीन अभिनेताओं ने काम किया था। 
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