कलाकारों के बीच एक बार फिर भीड़ हिंसा का मुद्दा गरमाया हुआ है। बीते दिनों 49 फिल्मी हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस तरह की हिंसा के बारे में चिंता जाहिर की और सख्त कानून बनाने की मांग की थी। इसके बाद डायरेक्टर मधुर भंडारकर सहित करीब 62 हस्तियों ने इन 49 हस्तियों की बातों के खिलाफ पत्र जारी करते हुए उनके दावों को खारिज किया और आरोपों की आलोचना भी की।
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Madhur Bhandarkar
- फोटो : file photo
अब इस पूरे मामले में अनुराग कश्यप और मधुर भंडारकर सोशल मीडिया पर भिड़ गए हैं। हाल ही में एक टीवी चैनल से बात करते हुए डायरेक्टर मधुर भंडारकर ने देश में भीड़ हिंसा को लेकर बात की। उन्होंने ऐसा आरोप लगाने वालों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा- 'जो लोग भी पीएम नरेंद्र मोदी या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना करते हैं, वो ही लोग उत्तर प्रदेश में अपनी फिल्मों की शूटिंग करते हैं और यूपी सरकार से सब्सिडी लेते हैं।'
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madhur bhandarkar
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इतना ही नहीं मधुर भंडारकर ने कहा- 'योगी आदित्यनाथ का विरोध करने वाले लोगों को कहना चाहिए कि जब तक वह प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं तब तक सरकार से फिल्मों को मिलने वाली सब्सिडी नहीं लेंगे। जब पैसे की बात आती है तो ये विरोधी सिलेक्टिव हो जाते हैं और यही उनका दोहरा रवैया होता है।' मधुर भंडारकर की ये बात डायरेक्टर अनुराग कश्यप को नागवार गुजरी और उन्होंने ट्विटर पर भंडारकर की बात का जवाब दिया।
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anurag kashyap
- फोटो : social media
अनुराग कश्यप ने लिखा- 'क्या मजाक है। ये मेरा राज्य है। मैं उत्तर प्रदेश में ही पैदा हुआ था और वहीं पला-बढ़ा। फिल्मों को मिलने वाली सब्सिडी योगी जी ने शुरू नहीं की थी। वह राज्य के मालिक नहीं बल्कि मुख्यमंत्री हैं। भले ही मैं मोदी जी का समर्थन नहीं करता लेकिन फिर भी में 100 प्रतिशत भारतीय हूं और भारत में ही फिल्में बनाता हूं और आगे भी ऐसा ही करता रहूंगा।'
अनुराग कश्यप के इस ट्वीट की काफी चर्चा हो रही है। आपको बता दें कि भीड़ हिंसा को लेकर 49 हस्तियों के जवाब में 62 हस्तियों के पत्र में तीन तलाक का जिक्र कर मोदी सरकार के कार्यों का भी समर्थन किया गया है। पत्र में लिखा गया, तीन तलाक के मुद्दे पर कोई बात न हीं की जाती, जो महिलाओं के हक का सवाल है। इस मुद्दे पर कुछ लोग खामोश हो जाते हैं। इस सरकार में लोगों को इतनी आजादी मिली हुई है, लोग सरकार की किसी भी हद तक जाकर आलोचना कर सकते हैं। पीएम मोदी ने सबका साथ, सबका विकास का मंत्र दिया है। इसमें सबका विश्वास भी शामिल है।