anupam kher
अनुपम खेर बोले-मैं यह फिल्म करना नहीं चाहता था,
'मेरे पास जब इस फिल्म का प्रस्ताव आया तो मैं इसे कतई करने के मूड में नहीं था। मुझे लग रहा था कि ये एक सियासी फिल्म होगी और इसे करना मेरे लिए उचित नहीं होगा। फिर फिल्म के निर्माताओं में से कुछ लोग मुझसे मिलने आए और मुझसे इसे पढ़ लेने को कहा। फिर एक दिन मैं टेलीविजन देख रहा था और मुझे मनमोहन सिंह जी किसी कार्यक्रम में दिखाई दिए। मुझे ख्याल आया कि क्या मैं इनकी तरह चल सकता हूं। तो मैंने अपने घर में ही उनकी तरह चलने की कोशिश की और मेरी ये कोशिश बहुत खराब थी। बस यही चुनौती मेरे मन पर असर कर गई और मैंने ये फिल्म एक चुनौती के तौर पर स्वीकार की।