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अमर उजाला से खास बातचीत में बोले अनुपम खेर, 'बड़े स्टार की फिल्म हिट होने की गारंटी खत्म'

Tue, 02 Jul 2019 10:23 AM IST
भावना शर्मा अक्षित त्यागी, अमर उजाला
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फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का बुलबुला फूटने के बाद अनुपम खेर अब अपनी नई फिल्म वन डे: जस्टिस डिलीवर्ड की रिलीज के लिए तैयार हैं। अनुपम ने हाल ही में सिनेमा में 35 साल भी पूरे किए। अमर उजाला संवाददाता अक्षित त्यागी ने अनुपम खेर से की खास मुलाकात।
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पिछले 35 साल में सिनेमा कितना बदला है?
समाज बदल गया। दुनिया बदल गई। लोग बदल गए, उसी हिसाब से सिनेमा में भी बदलाव आया है। पहले रिश्ते मज़बूत और दोस्ती गाढ़ी हुआ करती थी। ऐसे दिन रात फोन में नहीं लगे रहते थे। शूटिंग के बीच हम लोग पेड़ के नीचे बैठकर बातें किया करते थे। बदलाव हरदम अच्छा है पर हर बदलाव के साथ इंसान अपनी मासूमियत खोता जा रहा है। 
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राष्ट्रवाद का सिनेमा पर क्या असर पड़ा है? 
राष्ट्रवाद सिनेमा में शुरू से था। लेकिन जब कुछ लोगों ने राष्ट्रहित के विपरीत बातें को ती उसकी प्रतिक्रिया सिनेमा में भी दिखी। शहीद, उपकार, कर्मा ये सब राष्ट्रवादी फिल्में हैं। पहले सभी राष्ट्रवादी ही होते थे, पर अब कुछ लोग ऐसे भी आ गए हैं जो कहते हैं राष्ट्रवादी होना ज़रूरी थोड़े ही है। 

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Anupam Kher With PM Modi - फोटो : twitter
नरेंद्र मोदी की दूसरी जीत पर क्या कहेंगे, आप तो शपथ ग्रहण समारोह में भी मौजूद रहे?
सामूहिक तौर पर जनता ने एक नेता को चुना है। एक सरकार को चुना है। दूसरी जीत वह भी पूर्ण बहुमत से आना। ऐसा कम ही होता है। गठबंधन वाली सरकार में खूब घपले होते हैं, जब एक ही पार्टी होती है तब आप खुद ही सोच सकते हैं कि यह जनता का निर्णय है।
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anupam kher - फोटो : social media
सिकंदर खेर भी इन दिनों काफी अच्छा काम कर रहे हैं या दर्शकों को ये देखने को देर से मिला है? 
मुझे लगता है कि उनका समय आने में देरी हो गई। उन्हें और जल्दी आ जाना चाहिए था। वह एक अच्छे अभिनेता हैं। मैं ऐसा बिलकुल नहीं कह रहा हूं क्योंकि वह मेरा बेटा है। मैं खुद अभिनय का अध्यापक हूं और अभी अपने स्कूल में बैठा हूं। तो एक अध्यापक के नज़रिए में वह एक अच्छा कलाकार है। वहीं एक पिता के तौर पर मैं कहूंगा कि मुझे खुशी है लोगों को अब उनके बारे में पता चलने लगा है। रॉ में उन्होंने काफी अच्छा काम किया है, आशा करता हूं सूर्यवंशी में भी अच्छा रहे। 
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अब आप वन डे: जस्टिस डेलिवर्ड कर रहे हैं, ऐसी फिल्में आप जैसे अभिनेता के लिए किनती महत्वपूर्ण होती हैं ? 
मैं उन कलाकारों में से हूं जो हरदम नए तरह के सिनेमा का साथ देता है। इस बात का उदाहरण है खोसला का घोसला की थी। मैं फर्स्ट टाइम डायरेक्टर्स के साथ भी काम करने के लिए तैयार रहता हूं। आज ऐसा समय है कि आप कम बजट की बिना बड़े सितारों की फिल्में बना सकते हैं। आज के दौर में बड़े स्टार की फिल्म हिट होने की कोई गारंटी नहीं है।
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