annu kapoor
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अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए अनु कपूर ने बताया, 'मैंने चाय की दुकान भी चलाई है और दुकान पर भजिया भी तले हैं। इसके अलावा भी मैंने बहुत से काम किए हैं। इसलिए, मेरी जिंदगी में कठिनाइयां कोई नई बात नहीं है। जब मैंने फिल्म इंडस्ट्री में काम करना शुरू किया था तब मैंने जाना कि संघर्ष का असली मतलब क्या होता है? हालांकि, किसी भी इंसान में इतनी ताकत नहीं है कि वह किसी हुनरमंद को अनदेखा कर सके। अगर वह ऐसा करते हैं तो इसमें उनका ही घाटा होता है। यही कारण है कि कठिन परिश्रम करने वाले लोग ही सफलता पाते हैं।'