amrish puri
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वर्धन पुरी आगे लिखते हैं कि, 'मेरे दादा का स्वभाव लोगों का दिल जीत लेता था। वह हर उस शख्स को प्यार और मदद करते थे जो उनके संपर्क में होता था। वह परफेक्ट फादर फिगर थे। वह कहते थे कि उनकी जिंदगी के अच्छे दिन वो नहीं थे जब वह अवॉर्ड जीतते थे, बल्कि वो थे जब उनके नाती-पोते पैदा हुए थे। वह हमारे साथ समय बिताते थे, खेलते थे और फोटोग्राफी भी सिखाते थे, यहां तक कि जब हम बड़े हो रहे थे तो वह हमें बोलना सीख रहे थे। हम आपको याद करते हैं दादू। आपका होने के लिए शुक्रिया और हमें आशीर्वाद देने के लिए भी शुक्रिया, आपका टाइगर।'