रजनीगंधा
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अमोल पालेकर ने बासु चटर्जी के साथ 10 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। एक घटना को साझा करते हुए अमोल पालेकर कहते हैं, ''रजनीगंधा' की कहानी बासु दा ने सुनाते हुए मुझसे कहा, 'एक लड़का होता है, मान लो तुम हो, एक लड़की होती है, विद्या सिन्हा…' उसके बाद वह रुक गए और उन्होंने कहानी मेरे हाथ में पकड़ा दी। और मुझसे बोले कि वह कहानी मैं खुद पढूंगा तो ज्यादा बेहतर होगा। उनके जितनी साधारण तरीके से स्टोरी कोई नहीं बता सकता था। इसके बाद वह पर्दे पर भी अपनी कहानियों को बहुत अच्छे से पेश करते थे।'