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इन 6 फिल्मों में दिखा है डाकुओं का खूंखार रूप, 'गब्बर' के नाम से तो डरने लगे थे अफसर

Sat, 27 Jul 2019 02:10 PM IST
shrilata biswas एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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amjad khan special - फोटो : social media
हिंदी सिनेमा में फिल्माए गए डाकुओं के किरदारों की बात करें तो जो नाम सबसे पहले सामने आता है वो है शोले का गब्बर सिंह। अमजद खान ने हमेशा के लिए इस किरदार को अमर कर दिया। गब्बर के नाम का ही असर था कि साल 2015 में इसी नाम से फिल्म बनी 'गब्बर इज बैक'। पर्दे पर इसे अक्षय कुमार ने निभाया, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता है और भ्रष्ट अधिकारी भी उससे खौफ खाते हैं। अमजद खान की पुण्यतिथि पर चलिए आपको दिखाते हैं बॉलीवुड की वो फिल्में जिनमें डाकुओं को करीब से दिखाने की कोशिश की गई है।
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Sholay - फोटो : Social Media
शोले (1975)
1975 में आई ये फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे मशहूर फिल्मों में से एक है। अमजद खान के द्वारा निभाया गया गब्बर सिंह का किरदार हमेशा लोगों के जहन मे रहेगा। फिल्म में मुख्य भूमिका धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन, संजीव कुमार, जय बच्चन और हेमा मालिनी ने निभाई थी। इसे रमेश सिप्पी ने डायरेक्ट किया था। 
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Jis Desh Me Ganga Behti Hai, Raj Kapoor - फोटो : RK Studio
जिस देश में गंगा बहती है (1961)
हिंदी सिनेमा के शोमैन कहे जाने वाले राज कपूर इस फिल्म में एक बाजा बजाने वाले बने थे जो गलती से डाकुओं की बस्ती में पहुंच जाता है, पर उन डाकुओं का सरदार जिसका किरदार प्राण ने निभाया था, उसे पसंद नहीं करता लेकिन आखिर तक आते-आते राज कपूर का किरदार सभी का हृदय परिवर्तन कर ही देता है। फिल्म में प्राण राका का किरदार निभाकर डाकुओं और उनकी जिंदगी को काफी अच्छी तरह से दर्शाया है। इस फिल्म को राधू करमाकर ने डायरेक्ट किया था, जो 1961 में रिलीज हुई थी। 

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mother india - फोटो : social media
मदर इंडिया (1957)
भारत की उन फिल्मों में से एक जिन्हें अकादमी अवॉर्ड्स का नॉमिनेशन मिला था, मदर इंडिया एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी। महबूब खान की इस फिल्म को सिनेमा जगत का एक महाकाव्य माना जाता है। फिल्म के आखिर में सुनील दत्त खुद डाकुओं के काफिले में शामिल हो जाते हैं, जिसके कारण उनकी मां उन्हें मार देती हैं। इस फिल्म में डाकुओं को कम समय के लिए दर्शाया गया था, पर यह उन दिनों की पहली फिल्मों में से एक थी, जिन्होंने डाकुओं को बड़े पर्दे पर उतारा था।
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mera gaon mera desh - फोटो : file photo
मेरा गांव मेरा देश (1971)
अक्सर फिल्मों में डाकुओं का नाम काफी खौफनाक रखा जाता है, जिसका उदाहरण इस फिल्म में मिलता है। इस फिल्म में विनोद खन्ना एक डाकू का किरदार निभा रहे थे, जिसका नाम जब्बार सिंह था। उनके अलावा फिल्म में धर्मेंद्र थे, जो एक हीरो की भूमिका निभा रहे थे। फिल्म को राज खोसला ने डायरेक्ट किया था और यह फिल्म 1971 में रिलीज हुई थी।
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bandit queen - फोटो : file photo
बैंडिट क्वीन (1994)
बैंडिट क्वीन डाकुओं की जिंदगी पर बनी नए दौर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्म मानी जाती है, जिसमें सीमा बिस्वास ने फूलन देवी का किरदार बखूबी निभाया था। शेखर कपूर द्वारा 1994 में निर्मित इस फिल्म को ऑस्कर का नॉमिनेशन भी मिला था। फिल्म में फूलन देवी की असली जिंदगी की कहानी को सही ढंग से दर्शाया गया है।  
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paan singh tomar - फोटो : social media
पान सिंह तोमर (2010)
पुरानी फिल्मों से अलग 2010 में आई इस फिल्म में एक असली डाकू की कहानी को दर्शाया गया है, जो आर्मी के बाद स्पोर्ट्स और फिर कैसे एक डाकू बन जाता है। फिल्म का नाम ही उस डाकू पर रखा गया था, जिसका किरदार इरफान खान ने निभाया था। इस फिल्म ने लोगों के लिए डाकुओं की परिभाषा को ही बदल दिया था। 
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