हिंदी सिनेमा में 70 और 80 के दशक में अपने बेहतरीन अभिनय से लाखों दिलों को जीतने वाले कलाकार अमजद खान का 78वां जन्मदिन है। अमजद खान को बॉलीवुड में गब्बर सिंह के नाम से भी जाना जाता है। फिल्म शोले में उन्होंने न केवल अपने अभिनय से बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई बल्कि इस फिल्म में उनके सवांद भी अमर हो गए। केवल शोले ही अमजद खान की ऐसे फिल्म नहीं जिनके संवाद इतने मशहूर हों, उन्होंने और भी कई अन्य फिल्मों में अपने संवाद से फिल्मी परदे पर धमाल मचाया है। आइए अमजद खान के जन्मदिन पर जानते हैं फिल्मों में उनके शानदार संवाद।
विज्ञापन
2 of 10
Amjad Khan
- फोटो : file photo
डायलॉग- कितने आदमी थे..?? फिल्म- शोले (1975)
विज्ञापन
3 of 10
अमजद खान
- फोटो : file photo
डायलॉग- दौलत के पेड़ जब भी उगते हैं, पाप की जमीन में ही उगते हैं फिल्म- कालिया (1981)
4 of 10
अमजद खान
- फोटो : file photo
डायलॉग- औलाद न हो दुख होता है, औलाद हो और मर जाए बहुत दुख होता है.... लेकिन औलाद हो और नालायक हो तो बर्दाश्त नहीं होता फिल्म- लावारिस (1981)
विज्ञापन
5 of 10
amjad khan
- फोटो : file photo
डायलॉग- कभी-कभी दुश्मन की जिंदगी उसकी मौत के ज्यादा फायदेमंद होती है फिल्म- कसमें वादे (1978)
विज्ञापन
6 of 10
अमजद खान
डायलॉग- इसमें सिर्फ इतनी जिंदगी बाकी छोड़ना कि ये अपनी मौत अपनी आंखो से देख सके फिल्म- मिस्टर नटवरलाल (1978)
विज्ञापन
7 of 10
अमजद खान
- फोटो : file photo
डायलॉग- लगता है सोडे के बोतल की तरह जोश खत्म हो गया है फिल्म- कुर्बानी ( 1980)
8 of 10
amjad khan
- फोटो : file photo
डायलॉग- यहां से 50-50 कोस दूर गांव में जब बच्चा रात हो सोता नहीं है तो, मां कहती है बेटा सो जा, सो जा नहीं तो गब्बर आ जाएगा। फिल्म- शोले (1975)