Amitabh Bachchan
अपने ब्लॉग के 10 होने पर अमिताभ ने लिखा है कि 17 अप्रैल 2008 को कुछ शब्द मैंने हवा में छोड़े थे। इनमें से कुछ को पहचान मिली और कुछ मेरे पास वापस आ गए। इसके बाद, एक के बाद, एक के बाद एक आते गए और अब 10 वर्ष पूर्ण हो गए।
मैं किसी को भी नहीं जानता था और फिर हम सभी ने एक दूसरे को पहचानते हुए विश्व का सबसे अच्छा घर यही बनाया तो क्या अब 10 वर्ष का उत्सव मनाना चाहिए। 10 ही क्यों 11 क्यों नहीं या उससे भी अधिक। मुझे लगता है प्रत्येक दिन का हमें उत्सव मनाना चाहिए। हमें हर दिन को एकता और सदभाव के साथ मनाना चाहिए। यही असली उत्सव है।