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..जब ‘मधुशाला’ को लेकर हो रही आलोचना के बचाव में उतरे थे महात्मा गांधी, अमिताभ ने शेयर किया किस्सा

Mon, 05 Mar 2018 12:03 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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amitabh poem
अभिनेता अमिताभ बच्चन ने उस समय को याद किया है जब उनके पिता कवि हरिवंश राय बच्चन को उनकी शानदार काव्य पुस्तक ‘मधुशाला’ को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। बाद में महात्मा गांधी को उनके बचाव में सामने आना पड़ा था।
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amitabh bachachan
75 वर्षीय अभिनेता ने रविवार को उस घटना को याद किया जब 1935 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में उनके पिता पर शराब का महिमामंडन करके ब्रिटिश कालीन भारत के युवाओं को बहकाने का आरोप लगा था। 
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Amitabh
अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा है, ‘मधुशाला 1933 में लिखी गई...पहले 1935 में हालांकि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में इसकी तारीफ हुई और वाहवाही मिली... लेकिन कुछ जगहों में इसे लेकर धमकियां और फतवे भी मिले, यहां तक कि महात्मा गांधी जी से भी शिकायतें की गई। 

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amitabh bachchan
अभिनेता ने बताया कि गांधी ने असहमति के इस स्वर को सुनकर मेरे पिता को बुलाया। महात्मा गांधी ने मेरे पिता से कहा कि जो कुछ वह लिख रहे हैं उसे वे (गांधी जी) सुनना चाहते हैं । 
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amitabh bachchan
उन्होंने कुछ पंक्तियां सुनी और कहा कि इसमें तो कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। उन्होंने कहा, ‘ये सुनते ही मेरे पिता ने राहत की सांस ली और फौरन वहां से निकल गए ताकि कहीं गांधी जी का मन न बदल जाए।’
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