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'बेनाम' से 'बदला' तक बिग बी: जानें कैसा रहा अमिताभ बच्चन के 50 साल का सफर

Sun, 26 May 2019 03:41 PM IST
शिप्रा सक्सेना प्रदीप चंद्र / विकास चंद्र सिन्हा
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badla - फोटो : social media
वह अब भी जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है। फिल्मी दुनिया के 50 साल के सफर में उन्होंने अभिनय और सफलता की एक ऐसी रेखा खींच दी है कि बहुतों के लिए वह ‘लक्ष्मण रेखा’ बन गई है। अमिताभ बच्चन बॉलीवुड से खफा हैं, और क्यों न हों? अमिताभ बच्चन की ‘बदला’ को प्रशंसकों और आलोचकों ने खूब पसंद किया, लेकिन फिल्म उद्योग ने उनकी इस कामयाबी को तवज्जो ही नहीं दी। 
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Badla film - फोटो : twitter
बिग बी ने इस बात की शिकायत ट्विटर के जरिए फिल्म के निर्माता यानी बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान से की। उन्होंने लिखा, 'अभी तक किसी ने इस मूक कामयाबी के बारे में चर्चा शुरू की!! क्योंकि निर्माता, वितरक और फिल्म उद्योग के किसी भी शख्स ने तो #बदला की तारीफ में अभी तक नैनो सेकेंड भी नहीं बिताया है।' उम्र के 7वें दशक से गुजर रहे बच्चन का एक लीड हीरो के तौर पर इस तरह के हालात से घबराना लाजिमी है, क्योंकि फिल्म उद्योग बेहद क्रूर जगह है, जहां हर शुक्रवार नियति का फैसला होता है। 
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Badla film - फोटो : twitter
यह सिनेमाई दुनिया की रीत है कि अनुभवी और पुराने अदाकारों की तुलना में नए अदाकारों को तवज्जो दी जाती है। पुराने अभिनेताओं से उम्मीद की जाती है कि वग उन किरदारों में खुद को ढाल लें, जो जवान हीरो और हीरोइन के किरदार को सहारा देने के लिए रचे जाते हैं। लेकिन अपने जमाने के 'एंग्री यंग मैन' रह चुके बच्चन रीति की बेड़ियों को तोड़कर 70 की उम्र में भी मुख्य किरदार निभा रहे हैं और यह कारनामा भारत ही नहीं पूरी दुनिया के सिनेमा में काफी दुर्लभ है। 

पढ़ें:- अमिताभ को इस फिल्म ने दिलाया ‘एंग्री यंग मैन’ का खिताब, इस घटना में पहुंचे थे मरने के कगार पर

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Badla film amitabh - फोटो : file photo
बच्चन ने परंपराओं की लकीरों को धकेलकर अपनी जगह बनाई है और साथ ही पुराने अभिनेताओं के लिए उम्मीद का रास्ता भी दिखाया है। ‘बदला’ की कामयाबी अमिताभ बच्चन के लिए दुनियाभर में मौजूद वक्त और उम्र के सिनेमाई रिवाजों के खिलाफ लिया गया बदला लगती है। पीछे की तरफ करीब चार दशक मुड़कर देखते हैं, तो अमिताभ बच्चन ने ‘बदला’ की तरह ही 1974 में पश्चिम के एक थ्रिलर पर आधारित ‘बेनाम’ फिल्म की थी, जिसे ‘बदला’ के नौजवान निर्देशक सुजोय घोष की तरह ही उस दौर के नवोदित निर्देशक नरिंदर बेदी ने निर्देशित किया था। 

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badla - फोटो : file photo
बेदी ने इस फिल्म को अल्फ्रेड हिचकॉक की ‘द मैन हू न्यू टू मच’ के इर्द-गिर्द रचा। अमिताभ बच्चन कहते हैं कि इस फिल्म की ‘पटकथा कसी हुई, शूटिंग शानदार और अंत बेहद दिलचस्प था।’ अमिताभ बच्चन इस फिल्म में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में मध्य स्तर के कार्यकारी की भूमिका में बेहद प्रतिभाशाली नजर आए थे। फिल्म में वह एक पत्रकार को बचाते हैं, जिसके बाद उनके बच्चे का अपहरण कर लिया जाता है और बेहद रोचक तरीके से फिल्म खत्म होती है। 
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badla film - फोटो : social media
‘बेनाम’ से ‘बदला’ तक अमिताभ बच्चन का करियर सतत उत्कृष्टता की कहानी है। 1969 से करियर की शुरुआत करने वाले अमिताभ बच्चन को उनकी मेहतन और पेशेवर अंदाज के लिए जाना जाता है। किसी भी क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति जो अपने अंदर श्रेष्ठता की भूख रखता है, उसके लिए अमिताभ बच्चन मिसाल और मशाल दोनों हैं। उनके जीवन की कहानी को कई लोगों ने लिखा है और ज्यादातर भारतीय उनकी कहानी से वाकिफ हैं। 

नोट: (प्रदीप चंद्र और विकास चंद्र सिन्हा की जल्द ही प्रकाशित होने जा रही किताब “अमिताभ बच्चन- ए कलाइडोस्कोप”  से) 
 
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