अमिताभ बच्चन
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प्रगाढ़ रिश्तों में दरार की शुरुआत इमरजेंसी से ही हो चुकी थी। इंदिरा के कठोर नियम-कायदों का असर बॉलीवुड पर भी पड़ा। अमिताभ खामोश रहे तो उनकी आलोचना भी शुरू हो गई। तब उन्होंने गांधी परिवार से कुछ दूरी बनानी शुरू कर दी। कहा जाता है कि 1991 में राजीव की हत्या के बाद सोनिया को बच्चन परिवार से सहारे की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें मदद नहीं मिली। बाद में 1997 में प्रियंका व रॉबर्ट वाड्रा की शादी की तारीख और अमिताभ की बेटी श्वेता की शादी की तारीख एक दिन आगे-पीछे होने के लेकर भी रिश्ते बिगड़ने की चर्चा हुई। स्थिति ऐसी हुई कि 2007 में अमिताभ की मां के अंतिम संस्कार में गांधी परिवार से कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ।